यशपाल आर्य और उनके बेटे के काफिले पर हुए हमले का मामला, अब कैबिनेट मंत्री ने लगाए कांग्रेस पर ये गंभीर आरोप
कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने कांग्रेस पर लगाया गंंभीर आरोप
देहरादून, 9 दिसंबर। चुनावी साल में पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र संजीव आर्य के काफिले पर हुए हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस जहां इस पूरे मामले को कानून व्यवस्था से जोड़ चुकी है। वहीं भाजपा अब इसे कांग्रेस का अंधरूनी लड़ाई बताकर षडयंत्र बता रही है। विधानसभा सत्र को देखते हुए भाजपा-कांग्रेस एक दूसरे पर प्रकरण को लेकर हमलावर है। ऐसे में एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाकर दोनों राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में जुटे हैं।

कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने संभाला मोर्चा
बीते शनिवार को ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में यशपाल आर्य के काफिले पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस जमकर राज्य सरकार पर हमलावर है। साथ ही मामले को लेकर कांग्रेस सड़क पर विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। यशपाल आर्य के प्रकरण को कांग्रेस कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। इधर कांग्रेस के हमलावर होने का भाजपा ने भी जमकर पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने बाजपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के काफिले पर हुए हमले को लेकर पार्टी पर हमला बोला। अरविंद पांडेय ने कहा के यह कांग्रेस का षड़यंत्र भी हो सकता है। मंत्री ने इस मामले में किसानों और सिखों पर एससी-एसटी के तहत मुकदमे दर्ज करने की निंदा की। अरविंद पांडेय ने कहा कि दल बदलू नेता अपना राजनीतिक फायदा लेने के लिए षड़यंत्र कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ अपना बेटा दिखता है। वह कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता नहीं हैं।
हरदा ने खनन माफिया का किया जिक्र
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने बाजपुर से लेकर देहरादून तक यशपाल आर्य के काफिले पर हुए हमले को लेकर उपवास और धरना प्रदर्शन किया। इस मामले को कांग्रेस ने कानून व्यवस्था से लेकर भाजपा की षडयंत्रकारी रणनीति का हिस्सा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि
"जबरा मारे रोने न दे " उत्तराखंड में यही कहावत बाजपुर में चरितार्थ हो रही है। सत्तारूढ़ दल का खनन माफिया के साथ गठबंधन, यशपाल आर्य पर प्राणघातक हमला और अब यशपाल आर्य जी पर ही मुकदमा दर्ज हो गया है । यशपाल आर्य द्वारा की गई एफ.आई.आर. में दर्ज अपराधी पकड़े नहीं गए हैं और आर्य को गिरफ्तार करने की साजिश हो रही है। मन बहुत व्यथित है, छोटा राज्य है यदि इसी तरीके से चलेगा तो यह राज्य, माफिया राज्य में परिवर्तित हो जाएगा। राज तो बदला जा सकता है, राज्य भी वर्णित हो गया हो गया तो हमारे राज्य बनाने की कल्पना छितरा जायेगी।
दोनों दलों में बदले हैं समीकरण
यशपाल आर्य के भाजपा छोडकर कांग्रेस में जाने के बाद से प्रदेश की सियासत पर खासा असर पडा है, जिससे भाजपा ही नहीं कांग्रेस के अंदर भी समीकरण बदल गए हैा मामला यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य से जुडा हैा ऐसे में भाजपा या कांग्रेस कोई भी इस प्रकरण को हल्के में नहीं ले रहा हैा इधर इस पूरे प्रकरण को लेकर सदन के अंंदर सरकार क्या जबाव देती हैा इसका भी कांग्रेस को इंतजार हैा जिसके बाद इस मामले में राजनीति गर्माना तय हैा












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