सजने लगा चंपावत का रण, तारीखों का ऐलान, धामी के सामने होगा पूरा विपक्ष, जानिए क्या है समीकरण
चंपावत सीट पर 31 मई को उप चुनाव, तीन जून को रिजल्ट
देहरादून, 3 मई। उत्तराखंड की हॉट सीट बन चुकी चंपावत सीट पर उपचुनाव का ऐलान होते ही हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए खाली की गई सीट को कोई भी सियासी दल वॉक ओवर देना नहीं चाहते हैं। इसके लिए कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिसके लिए प्रत्याशियों का भी जल्द ऐलान हो जाएगा।

31 मई को उप चुनाव होगा और तीन जून को चुनाव का नतीजा
चंपावत सीट पर 31 मई को उप चुनाव होगा और तीन जून को चुनाव का नतीजा आएगा। दो बार के विधायक कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। सोमवार को उप चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही सियासत भी गरमाने लगी है। उप चुनाव की तिथि के एलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। भाजपा ने पहले ही मिशन चंपावत को लेकर रणनीति तैयार कर ली है। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने देहरादून आकर पूरे चुनाव की रणनीति तैयार कर चुके हैं। पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सह प्रभारी रेखा प्रभारी को चम्पावत का प्रभारी बनाया गया है, जबकि प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार के मार्गदर्शन में चुनाव अभियान संचालित होगा। उपचुनाव के लिए कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास को जिले के प्रभारी मंत्री का दायित्व दिया गया है। पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी को चुनाव संयोजक का जिम्मा सौंपा गया है।पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा को चुनाव प्रभारी और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत को सह चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने चंपावत पहुंचकर मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस नए चेहरे पर खेल सकती है दांव
अब भाजपा की नजर कांग्रेस और दूसरे दलों पर टिकी हैं। कांग्रेस अपने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जिनकी रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशी का चयन होगा। कांग्रेस ने चम्पावत उपचुनाव को प्रत्याशी चयन के लिए भुवन कापड़ी, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी और लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी को पर्यवेक्षक बनाया है। जो कि पर्यवेक्षक की भूमिका में रिपोर्ट तैयार कर प्रत्याशी चयन में अहम भूमिका निभाएंगे। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि चंपावत से 5 दावेदार सामने आए हैं। लेकिन इनमें दो बार के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल का नाम नहीं है। ऐसे में सीएम पुष्कर सिंह धामी के सामने कांग्रेस का कोई नया चेहरा चुनावी मैदान में हो सकता है। पूर्व विधायक खर्कवाल शुक्रवार को तीनों पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई पार्टी की बैठक में भी मौजूद नहीं थे। 2002 से अब तक हुए पांचों विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने हेमेश खर्कवाल को पार्टी प्रत्याशी बनाया। इस बार चंपावत में नई तस्वीर देखने को मिल सकती है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी भी उपचुनाव में अपने प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है।
जीत को लेकर भाजपा आश्वस्त
चंपावत को लेकर भाजपा पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही है। हाल ही में कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद वे चंपावत पहुंचकर कई घोषणाएं कर चुके हैं। पुष्कर सिंह धामी सीएम बनने के बाद 3 बार चंपावत का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान वे बनबसा-टनकपुर, चंपावत, अमोड़ी, देवीधुरा, नाखुड़ा का दौरा कर चुके हैं। सीएम धामी ने चंपावत पहुंचकर अपना चंपावत से खास रिश्ते का भी जिक्र किया। चंपावत सीएम के खटीमा क्षेत्र से 10 से 12 किमी की दूरी पर है। जिसका अधिकतर क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में ही बसा हुआ है। इस सीट पर पूर्व सैनिक और नेपाल बॉर्डर के लोग ज्यादा हैं। जिस वजह से सीएम के लिए ये सबसे सुरक्षित मानी जा रही है। चंपावत में 96016 वोटर हैं। चंपावत सीट में 50057 पुरुष और 45959 महिला मतदाता हैं।












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