टिहरी सीट हॉट और वीआईपी सीट, दलबदल या निर्दलीय किस पर जनता करेगी विश्वास

टिहरी सीट हॉट और वीआईपी सीट, दलबदल या निर्दलीय किस पर जनता करेगी विश्वास

देहरादून, 1 फरवरी। उत्तराखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव में टिहरी सीट सबसे हॉट सीट बन गई है। टिहरी सीट को लेकर भाजपा और कांग्रेस में कम से कम एक माह तक जद्दोजहद चलती रही। दोनों ही दलों ने आखिरी समय तक टिकट फाइनल नहीं किया। जिस तरह से अंतिम समय में टिहरी के समीकरण बदले उसने इस बार के चुनाव को रोमांचक बना दिया है। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय के बीच इस बार त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। ऐसे में टिहरी सीट हॉट सीट बन गई है। इतना ही नहीं जिस तरह का इतिहास टिहरी सीट का रहा है, उससे ये तो तय है कि विधायक बनने के बाद मंत्री पद तक पहुंचना दिग्गजों के लिए आसान हो सकता है।

 Tehri seat hot and VIP seat, defectors or independents, on whom will the public trust

किशोर के कदम से बदल गए समीकरण
टिहरी सीट पर उत्तराखंड में आखिरी समय सबसे सस्पेंस बना रहा। जिसका कारण रहा किशोर उपाध्याय का राजनीतिक कदम। लंबे समय से किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने की चर्चांए तेज थी। किशोर उपाध्याय के भाजपा के चुनाव प्रभारी से ​मिलना इस बात का संकेत मिल गया था, कि किशोर भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। आखिर में किशोर ने टिकट बंटवारे से कुछ ही समय पहले भाजपा ज्वाइन कर ली। लेकिन किशोर उपाध्याय के भाजपा ज्वाइन करते ही भाजपा के सिटिंग विधायक धन सिंह नेगी ने भी तुरंत पाला बदलने में समय नहीं लगाया, वे हरीश रावत से मिलकर कांग्रेस के साथ जुड़ गए। कांग्रेस ने भी तुरंत धन सिंह नेगी को टिकट दे दिया। एक दिन पहले तो दोनों अपनी-अपनी पार्टी और सीनियर नेताओं के गुणगान कर रहे थे, लेकिन टिकट मिलते ही पाला बदलने वाली पार्टी के रंग में रंगे नजर आने लगे। अब जनता और कार्यकर्ता दोनों ही कन्फ्यूज है कि किस दल के साथ रहें और किस नेता को चुनें।
त्रिकोणीय मुकाबला आ रहा नजर
टिहरी सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। भाजपा के किशोर उपाध्याय, कांग्रेस के धन सिंह नेगी और निर्दलीय दिनेश धनै के बीच त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। टिहरी विधानसभा सीट की बात करें तो ये सीट 1952 में अस्तित्व में आई थी। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के बाद इस सीट में नई टिहरी, चंबा नगर पालिका, जाखणीधार और चंबा ब्लॉक शामिल है। टिहरी सीट से तीन बार विधायक सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उत्तराखंड बनने के बाद 2002 और 2007 में किशोर उपाध्याय कांग्रेस के सिंबल पर विधायक रहे। 2012 में निर्दलीय दिनेश धनै ने चुनाव जीता और वे कांग्रेस सरकार को समर्थन देकर कैबिनेट मंत्री बने। 2017 के चुनाव में भाजपा के धन सिंह नेगी विधायक चुनकर आए।

  • प्रमुख मुद्दे
  • -जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बदहाल
  • -टिहरी झील में पर्यटन की अपार संभावनाओं को धरातल पर लाना।
  • - जलापूर्ति की समस्या
  • मतदाताओं की संख्या
  • पुरुष मतदाता-41,495
  • महिला-38,892
  • अब तक के विधायक-
  • बालेंदु शाह, 1951 निर्दलीय।
  • सूरत चंद रमोला, 1957 कांग्रेस।
  • त्रेपन सिंह नेगी, 1962 कांग्रेस।
  • गोविंद सिंह नेगी, 1969, 74, 77 सीपीआई।
  • खुशहाल सिंह रांगड़, 1980 कांग्रेस।
  • लोकेंद्र दत्त सकलानी, 1985 कांग्रेस।
  • बलवीर सिंह नेगी, 1989 जनता दल।
  • शूरवीर सिंह सजवाण, 1993 कांग्रेस।
  • लाखीराम जोशी, 1996 भाजपा।
  • उत्तराखंड बनने के बाद-
  • किशोर उपाध्याय, 2002, 2007 कांग्रेस।
  • दिनेश धनै, 2012, निर्दलीय।
  • धन सिंह नेगी, 2017 भाजपा।

कौन हैं चुनावी मैदान में

किशोर उपाध्याय- भाजपा

पक्ष- सरल, मिलनसार, जनता के बीच के नेता
विपक्ष- दलबदल, ​बड़ा कद होने के बाद भी कुछ खास उपलब्धि नहीं

धन सिंह नेगी- कांग्रेस
पक्ष- सरल स्वभाव
विपक्ष-मोदी मैजिक में जीते, जमीनी स्तर कमजोर

दिनेश धनै- निर्दलीय
पक्ष-मिलनसार, युवाओं के बीच पेंठ,
विपक्ष-मंत्री रहते ​नहीं दिखा जमीनी विकास

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