उत्तराखंड में भाजपा संगठन की कमजोर कड़ियों पर होगी सख्त कार्रवाई, 24 अप्रैल को तय होगा भविष्य

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 23 अप्रैल को देहरादून आ सकते हैं

देहरादून, 19 अप्रैल। उत्तराखंड में भाजपा की विधानसभा चुनाव में 23 सीटों पर हुई हार के कारणों पर तैयार की गई रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए अब पार्टी को 24 अप्रैल का इंतजार है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 23 अप्रैल को देहरादून आ सकते हैं। जिसके बाद ​प्रदेश संगठन की आगे की रणनीति पर भी फोकस किया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव में ​भितरघात को लेकर आई शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई संभव है। इसके साथ ही इस दौरे के बाद मुख्यमंत्री के लिए उपचुनाव का समय और जगह भी तय किया जाएगा।

 Strict action will be taken on weak links of BJP organization in Uttarakhand, future will be decided on April 24

राष्ट्रीय महामंत्री संगठन 23 को आ सकते हैं दून
भाजपा प्रदेश संगठन में बदलाव के सुगबुगाहट के बीच प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक और आगे की रणनीति पर चर्चा कर चुके हैं। इसमें ही राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के देहरादून कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई है। जिसमें हारी सीटों की समीक्षा रिपोर्ट अनुशासन समिति को भेजने की बात पर सहमति हुई थी। इस बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने संगठन में फेरबदल की चर्चा को अफवाह करार देते हुए नकार दिया था। लेकिन राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के 23 अप्रैल को देहरादून आने के कार्यक्रम के बाद एक बार फिर प्रदेश भाजपा में बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। ये तय करेगा कि ​भितरघातियों पर क्या कार्रवाई होनी है। हालांकि जब प्रदेश अध्यक्ष पर ही भितरघात का आरोप है तो फिर अध्यक्ष पर लटकी तलवार कैसे बचेगी। ये भी सवाल खड़ा हो रहा है। इधर भाजपा के सूत्रों का दावा है कि जिन सीटों पर हार हुई है, उन सीटों पर जिला कार्यकारिणी में बदलाव संभव है। जिन प्रत्याशियों ने भितरघात का आरोप लगाया था। उनमें लक्सर, यमुनोत्री सीट पर ही प्रत्याशी की हार हुई। चंपावत और काशीपुर सीट पर आरोप के बाद भी प्रत्याशी चुनाव जीत गए थे। इसके अलावा सीएम की खटीमा सीट पर हार के लिए प्रदेश संगठन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। जो कि सीएम ने तो नहीं लगाए लेकिन समीक्षा के बाद खुलकर सामने आई है।

खटीमा की अलग से हुई है रिपोर्ट तैयार
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में हारी हुई 23 विधानसभा सीटों पर ​हार की समीक्षा की है। 29 मार्च से इन सीटों पर समीक्षा शुरू की थी जिसके लिए पार्टी संगठन के 13 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। सभी पदाधिकारियों ने इन सीटों पर प्रवास कर और पार्टी के कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट अब प्रदेश संगठन के पास है। सूत्रों ने बताया कि कई सीटों पर भितरघात जैसी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ सीटों पर यह भी सामने आया है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को टिकट नहीं मिले थे और जो संगठन में बड़े पदों पर थे उन्होंने चुनाव में काम नहीं किया. हारी हुई सीटों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खटीमा सीट भी शामिल है जिसको लेकर विशेष रिपोर्ट तैयार की गई है। हाल ही में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने भी इस रिपोर्ट को अनुशासन समिति को सौंपने की बात की है। अब राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के आने के बाद इस पर फाइनल निर्णय लिया जाना है। जिसमें सीएम की सीट पर भी फाइनल मुहर लगनी है।

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