लद्दाख में शहीद हुए जवान भूपेंद्र सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार,बेटे ने रोते बिलखते दी श्रद्धांजलि
लद्दाख में सैन्य अभ्यास के दौरान शहीद हुए उत्तराखंड के जवान भूपेंद्र सिंह नेगी का सैन्य सम्मान के साथ आज अंतिम संस्कार हो गया।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग नम आंखों के साथ वहां पहुंचे।

पैतृक घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बेटे का अंतिम संस्कार से पहले की भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई। जिससे हर किसी के आंखों में आंसू आ गए। शहीद भूपेंद्र नेगी के बेटे ने रोते बिलखते उन्हे श्रद्धांजलि देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
सुबह शहीद भूपेंद्र का पार्थिव शरीर पौड़ी स्थित उनके पैतृक गांव बिशल्ड पहुंचा। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घर पर पहुंचा, परिजन बेसुध हो गए। पत्नी, बच्चे रोते विलखते हुए शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आए। इस बीच शहीद को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग उमड़े।
गणमान्य लोगों के साथ क्षेत्रवासियों ने भी नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पाबौ बाजार भी पूर्ण रूप से बंद रहा। व्यापारियों ने सड़क के किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा कर शहीद को अंतिम विदाई दी।
लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में टैंक अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। श्योक नदी को पार करते हुए टी-72 टैंक इसमें बह गया था जिससे जेसीओ समेत 5 जवान शहीद हो गए थे। उनमें पौड़ी के बिसल्ड गांव के रहने वाले भूपेंद्र सिंह नेगी भी थे।
शहीद भूपेंद्र नेगी सेना की 52वीं आर्मर्ड रेजिमेंट में दफादार (सूबेदार) पद पर तैनात थे। भूपेंद्र नेगी अपने पीछे तीन बहन, पिता, पत्नी और 3 बच्चों को छोड़ गए हैं। भूपेंद्र के पिता, पत्नी और उनके बच्चे देहरादून में रहते हैं। भूपेंद्र बीते 18 सालों से भारतीय सेना में कार्यरत थे।












Click it and Unblock the Notifications