ग्राउंड रिपोर्टः सिल्क्यारा टनल हादसे का 12 वां दिन, दिन भर होता रहा इंतजार, कब बाहर आएंगे 41 मजदूर?
उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल हादसे का 12 वां दिन। देर रात से ही उत्सुकता लगी रही कि कब मिशन सिल्क्यारा पूरा होगा। रातभर मीडिया का जमावड़ा टनल के बाहर इस उम्मीद के साथ नजर आया कि अब कभी भी मजदूर बाहर आ सकते हैं।
दरअसल 11वें दिन जो खबर आई उसमें दावा किया गया कि करीब 40 से 42 मीटर तक 800 एम एम के पाइप इंसर्ट हो गए हैं,और अब सिर्फ दो पाइप 6 मीटर के इंसर्ट होंगे। इसके बाद मजदूरों को बाहर निकलने का काम शुरू हो जाएगा।

टनल के बाहर एम्बुलेंस से लेकर एनडीआरएफ एसडीआरएफ और कई बचाव की टीम भी मुस्तैद नजर आई। लेकिन जैसे ही 12 वें दिन की सुबह हुई एक खबर आई की पाइप के आगे एक बड़ा गार्डर लग गया है। जिसने अमेरिकन औगर मशीन के भी एक पार्ट को नुकसान पहुंचाया है। जिसके बाद तुरंत एक्सपर्ट टीम से संपर्क साधा गया। और तैयार किया जा रहे एस्केप टनल को चेक किया गया। जानकारी मिली कि गार्डर मशीन को रास्ते से हटाना आसान नहीं है।
इस बीच दो लोगों को बुलाया गया जो कि इस काम में माहिर है जिन्होंने करीब ढाई घंटे में इस काम को अंजाम दे दिया। अब कहा जा रहा है कि एक बार फिर ड्रिलिंग का काम शुरू हो जाएगा और एक प्लेटफार्म तैयार कर एक बार फिर से दो पाइप इंसर्ट किए जाएंगे। जो कि उस जगह तक पहुंचेंगे जहां पर मजदूर हैं। इस बीच 12 वें दिन आज दिनभर वीआईपी और अन्य कई एक्सपर्ट के आने जाने का दौर चलता रहा। दिनभर यही कयास लगते रहे कि मजदूर किसी भी वक्त बाहर आ सकते हैं।
हालांकि जैसे-जैसे शाम ढलती रही इस बात का एहसास होने लगा कि आज मजदूर बाहर नहीं आ पाएंगे और देर रात तक भी इसकी संभावनाएं कम है। अब उम्मीद 13 वें दिन पर है कि क्या शुक्रवार को यानी 24 नवंबर को 41 मजदूर बाहर आ पाएंगे। गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीसरी बार सिल्क्यारा पहुंचे। मुख्यमंत्री अब उत्तरकाशी में ही डेरा डालेंगे।
मातली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना अस्थाई कैंप ऑफिस बना दिया है। साथ ही उनसे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने भी सिल्क्यारा टनल घटनास्थल पर अपना डेरा डाल दिया है। जनरल वीके सिंह ने भी आज दो बार टनल के अंदर जाकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में पल-पल का अपडेट लिया और अंदर काम कर रहे सभी टीमों का हौसला बढ़ाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और अंदर फंसे मजदूरों से बातचीत भी की, साथ ही उन लोगों का हौसला बढ़ाया।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनरल वीके सिंह के साथ मिलकर सभी अधिकारियों के साथ एक हाई प्रोफाइल मीटिंग की इसके बाद बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार इस रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट ले रहे हैं। आज टनल के बाहर पाठ पूजा का दौर भी जारी रहा। आसपास के ग्रामीणों ने डोली लाकर बाबा बौखनाग मंदिर मैं पूजा पाठ कर जल्द ही मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना की। अब देखना है कि जिस तरह से नई उम्मीद के साथ एक बार फिर ड्रिलिंग शुरू होगी, उसके बाद कब तक 41 मजदूर बाहर आ पाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स का कहना है कि, बचाव अभियान जोरों पर है। हमें कई बचाव अभियान मिले हैं। भारत के तमाम विशेषज्ञ यहां हैं। मैं अब भी बहुत निश्चिंत हूं। हम जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं क्योंकि अगर हम जल्दबाजी करेंगे तो हम ऐसी समस्या खड़ी कर सकते हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। यह उदाहरण के तौर पर भारत का मामला है। हम क्रिसमस से पहले 41 स्वस्थ पुरुषों को देखेंगे और किसी को चोट नहीं पहुंचेगी।












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