लाख या हजार नहीं पुलिस ने यहां बदमाशों पर घोषित किया सिर्फ पांच रुपए का ईनाम,जानिए वजह
उत्तराखंड के रुद्रपुर में पुलिस ने बदमाशों को सबक सिखाने और हैसियत दिखाने के लिए पांच रुपए का ईनाम घोषित किया है। पुलिस ने जाफरपुर में हुई फायरिगं मामले में अभियुक्तों पर पांच रुपए का ईनाम रखा है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर हजारों या लाख रुपए का ईनाम घोषित होने पर वे इसका गलत फायदा उठाते हैं।
रौब दिखाने के लिए भी इसका प्रयोग करते हैं। ऐसे में बदमाशों को सबक सिखाने के लिए ये अभिनव प्रयोग किया गया है। 12 अक्टूबर की रात जाफरपुर में रंजिशन दो पक्षों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इसमें दोनों पक्षों के आठ लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के 21 लोगों पर केस दर्ज किया था। जिसमें चार सलाखों के पीछे पहुंचाए जा चुके हैं।

एसपी सिटी रुद्रपुर मनोज कत्याल ने वन इंडिया से बातचीत में बताया कि जब भी अपराधियों पर हजारों या लाख रुपए तक के ईनाम घोषित किए जाते हैं तो वे सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल करते हुए रौब दिखाने लगते हैं। कई बार इनामी घोषित होने के बाद बदमाश खुद को बड़ा अपराधी मानते हुए लोगों को डराने और रौब जमाने का कार्य करते रहे हैं। ऐसे अपराधियों को सबक देने लिए नया फार्मूला लागू किया है।
हैसियत बताने के लिए मामूली ईनाम
अब ऐसे अपराधियों को समाज में उनकी हैसियत बताने के लिए मामूली ईनाम रखा जाएगा। कहा कि पुलिस अमूमन अपने कर्मियों को मोटिवेशन के लिए ही ईनाम घोषित करती है। ऐसे में अपराधियों को सबक सिखाने के लिए ये प्रयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि जाफरपुर फायरिंग मामले में पुलिस कुछ बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ की तलाश है। तीन अभियुक्तों पर पांच पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया है। इन सभी अभियुक्तों का आपराधिक पृष्ठभूमि भी एक दो केस की है।
किसी पर एक तो किसी पर दो केस दर्ज
फायरिंग की घटना में फरार मुख्य अभियुक्त जसवीर सिंह निवासी ग्राम अर्जुनपुर रुद्रपुर, मनमोहन सिंह निवासी ग्राम नेताजीनगर दिनेशपुर और साहब सिंह उर्फसाबी निवासी ग्राम गज्जीपुरा थाना मिलक खानम रामपुर पर पांच-पांच रुपये का इनाम घोषित किया है। मनमोहन और साबी पर एक-एक और जसवीर पर दो केस दर्ज हैं।
क्या है मामला
बीते 12 अक्तूबर की रात जाफरपुर में रंजिशन दो पक्षों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इसमें दोनों पक्षों के आठ लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के 21 लोगों पर केस दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के चार अभियुक्तों करन सिंह, सतेंद्र सिंह, बलराम विश्वास और पुष्पराज सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आठ अभियुक्त फरार चल रहे थे। पुलिस ने जसवीर सिंह, मनमोहन सिंह, साहब सिंह, हरेंद्र विर्क, हरमन सिंह, गोपी, कांवल, बलजीत उर्फ बल्ली के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट ले लिया है।











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