कांग्रेस कार्यालय में ताले को लेकर बवाल, कांग्रेसियों ने लगाया कब्जे का आरोप, जानिए क्यों छिड़ा है विवाद
उत्तराखंड के रामनगर में रानीखेत रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में स्वामित्व को लेकर बवाल हो गया है। व्यापारी ने भवन को अपना बताते हुए उसे अंदर से बंद कर दिया। इससे गुस्साए कांग्रेसियों ने अपना ताला ठोंक दिया। पुलिस के तोड़ने पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा।
हंगामें के बाद पूर्व विधायक रणजीत रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां कांग्रेस कार्यालय पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत की देखरेख में संचालित हो रहा है। सोमवार को कार्यालय स्वामी नीरज अग्रवाल पहुंचे और कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इस पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया। उन्होंने कार्यालय के गेट पर अपना ताला लगा दिया। पुलिस ने कार्यालय में कांग्रेसियों का लगाया ताला तोड़ दिया। जिसके बाद हंगामा हो गया और कांग्रेसियों की पुलिस से जमकर धक्का मुक्की हो गई।
कार्यालय के बाहर पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। सूचना पर कांग्रेस के बड़े नेता, विधायक भी शाम तक रामनगर पहुंच गए। धरने में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी पहुंच गये। दोनों ने कार्यालय को कांग्रेस कार्यालय बताया और इस तरह से कब्जा करने की कार्रवाई को असंवैधानिक बताया।
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने दावा किया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कहा कि कार्यालय के अंदर कुछ लोग बंद है। घटना के वक्त अंदर कोई भी उनका व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने ताला तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि व्यापारी और पूर्व विधायक के बीच कार्यालय को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। जिसमें लेन देन का भी मामला बताया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि रामनगर में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर अज्ञात लोगों द्वारा जबरन कब्ज़ा कर लिया गया। यह सिर्फ एक कार्यालय पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, संघर्ष की विरासत और विचारधारा पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस पार्टी, जो आज़ादी की लड़ाई से लेकर हर जनआंदोलन की अग्रणी रही है, आज भी अन्याय और तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ सीना ताने खड़ी है। यह हमला हमें चुप नहीं करा सकता। यह हमें और मज़बूत बनाएगा, और अधिक संगठित बनाएगा।
कहा कि हमारा संघर्ष सिर्फ एक कार्यालय की चार दीवारों के लिए नहीं है, बल्कि उस विचारधारा के लिए है जो संविधान, समानता और सामाजिक न्याय को सर्वोपरि मानती है। रामनगर में हमारे साथी रात में भी डटे हुए हैं। धरना प्रदर्शन जारी है। हमारी आवाज़ को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त तरीके से इस अन्याय के खिलाफ संघर्षरत हैं। जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत होती है। हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा, सत्य की जीत होगी। संघर्ष का बिगुल बज चुका है। कांग्रेस का हर सिपाही अब न्याय के लिए मैदान में है।












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