उत्तरकाशी मस्जिद विवाद पर महापंचायत को लेकर उठ रहे सवाल, जानिए विपक्ष के आरोपों पर क्या है BJP का जबाव
उत्तरकाशी में बीते एक दिसंबर को मस्जिद विवाद को लेकर हुई महापंचायत को लेकर अब सियासत भी गरमा रही है। कांग्रेस महापंचायत को लेकर सवाल उठा रही है जबकि भाजपा कांग्रेस की सोच को ही कठघरे में खड़ी कर रही है।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा की भाजपा नहीं चाहती है प्रदेश में शांति व्यवस्था रहे प्रदेश में जातिवाद के नाम को लेकर सरकार हमेशा राजनीति करती रही, वहीं भाजपा कांग्रेस के आरोप को तुष्टिकरण की राजनीति बता रही है।

भाजपा के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह बीते कुछ समय से पहाड़ी क्षेत्रों में तमाम कृत्य एक विशेष समुदाय के लोगों के द्वारा किए जा रहे हैं उसको लेकर महापंचायत हुई। लेकिन कांग्रेस जिस तरह लव जिहाद, लैंड जिहाद इन सबका समर्थन करती आई है वो कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है।
हरीश रावत ने महापंचायत को लेकर सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि उत्तरकाशी से जो सवाल उठ रहे हैं और जिस प्रकार की शक्तियां इस सवाल को उठाने में जुट रही हैं और इस सवाल को लेकर सरकार की संलिप्तता चिंता बढ़ाने वाली है, न हमारे पहाड़ के हित में है, न उत्तराखंड राज्य के हित में है।
जिन मुसलमान भाइयों की वह मस्जिद है, वह वर्षों-वर्षों, वर्षों से वहां रह रहे हैं और प्रशासन ने माना है कि वह विधिवत तरीके से बनी हैं। अब दबाव डालकर मस्जिद को विवादास्पद बनाने का कुप्रयास हो रहा है, इसको प्रबुद्ध जनमानस समझ रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बयान जारी कर उत्तरकाशी प्रकरण पर कहा, कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है। लिहाजा किसी को अपने मुद्दे उठाने से रोकने की पक्षधर भाजपा नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को भ्रम और झूठ फैलाने की उनकी रणनीति का हिस्सा बताया। उन्हें आइना दिखाते हुए कहा, जिस तरह कांग्रेस समेत तमाम पार्टी के लोग धरना प्रदर्शन करते हैं ठीक उसी तरह समाज के एक पक्ष ने उत्तरकाशी में अपनी बात रखी है। लेकिन कांग्रेस इसे अलोकतांत्रिक बताकर विरोध कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications