महान क्रांतिकारी राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि
देश के इतिहास में काकोरी ट्रेन लूट का विशेष स्थान है। इस लूट में देश के महान क्रांतिकारी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी का भी नाम शामिल है। आज के ही दिन उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। राजेंद्रनाथ लाहिड़ी जी को याद करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें नमन किया है।
पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा,देश की स्वाधीनता में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले माँ भारती के अमर सपूत, "काकोरी ट्रेन एक्शन के नायक" वीर क्रांतिकारी राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। माँ भारती की स्वतंत्रता हेतु समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। विनम्र श्रद्धांजलि!

राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को गोंडा जेल में तय तारीख से 2 दिन पहले ही अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी की सजा दे दी थी। उन्हें 17 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी। लेकिन आखिरी समय में भी राजेंद्र नाथ जी के चेहरे पर मुस्कान थी और उन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहूति दे दी। उन्होंने उस वक्त कहा था कि मैं मरने नहीं बल्कि भारत में फिर से जन्म लेने जा रहा हूं। उनके अंतिम शब्दों को आज भी याद किया जाता है। उनकी याद में गोंडा जेल में हर वर्ष हवन पूजन किया जाता और अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
गोंडा में लाड़ी जी की प्रतिमा पर लोगों ने माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गोंडा की जेल में 17 दिसंबर 1927 को लाहिड़ी जी को सुबह फांसी दी गई थी। जिस वक्त उन्हें फांसी के लिए ले जाया जा रहा था उससे पहले वह व्यायाम कर रहे थे। ऐसे में जब जेलर ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मैं मरने नहीं बल्कि पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं। उन्होंने वंदे मातरम के उद्घोष के साथ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी।












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