उत्तराखंड में राजनीतिक यात्राओं और रैलियों में नामों को लेकर चल रही सियासत, क्या है पूरा मामला
उत्तराखंड में राजनीतिक यात्राओं और रैलियों में नामों को लेकर चल रही सियासत
देहरादून, 13 नवंबर। उत्तराखंड में चुनावी साल में राजनीतिक दलों की यात्राओं और रैलियों में नामों को लेकर सियासत गर्मा रही है। चुनावी समर में पूरी तरह कूद चुकी भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इन दिनों जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करने और विश्वास कायम करने की कोशिश में जुटी है। इसके लिए गांव-गांव घर-घर जाकर राजनीतिक दल अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। लेकिन इन सब में सबसे अहम रोल रैली और यात्राओं का नाम माना जा रहा है।

परिवर्तन का जबाव जन आशीर्वाद से
कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की जो कि तराई और मैदानी क्षेत्रों में अब तक निकाली जा चुकी है। इसमें भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए परिवर्तन यात्रा निकाली जा रही है। इसका जबाव देने के लिए भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है। जो कि पहाड़ और मैदान दोनों जगह टच कर चुकी है। अब भाजपा सभी 70 सीटों पर विजय संकल्प रैली का आयोजन कर रही है। इससे पहले कांग्रेस विजय संकल्प शंखनाद का कार्यक्रम कर चुकी है। ऐसे में नामों की सियासत भी चुनावी साल में खूब गर्मा रही है। इससे दूसरे दल को काउंटर करने के साथ ही अपना विजन भी बताने की कोशिश में पार्टी जुटी है। इस तरह भाजपा और कांग्रेस में नामों को लेकर एक दूसरे से काउंटर रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सैनिकों के सम्मान में नाम की सियासत
उत्तराखंड के पूर्व सैनिक वोटरों को रिझाने के लिए भाजपा कांग्रेस प्रदेश में सैनिकों को अपने-अपने पाले में करने में जुटी है। इसके लिए भाजपा ने पहले शहीद सम्मान यात्रा निकालने का ऐलान किया। जो कि शहीदों के घरों की मिट्टी को इकट्ठा कर सैन्य धाम के लिए लाई जा रही है। यात्रा आपदा के चलते स्थगित हुई लेकिन अब फिर से निकाली जा रही है। इधर कांग्रेस ने पूर्व सैनिकों को रिझाने के लिए सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किए। जिसमें पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जा रहा है। कांग्रेस इस कार्यक्रम को लगातार गांव से जिला स्तर तक करने में जुटी है। लेकिन इसमें भी नाम का सियासी तड़का लगाया गया है।
आप का अपना अलग अंदाज
भाजपा, कांग्रेस के इस नाम की सियासी यात्राओं और रैलियों की राजनीति से अलग आम आदमी पार्टी ने अब तक रोजगार गारंटी यात्रा और तिरंगा यात्रा निकाल रही है। इसके जरिए युवाओं और सभी विधानसभाओं में आप की जमीनी सियासत को मजबूत करना है। आम आदमी पार्टी पहली बार उत्तराखंड की सियासत में कदम रख रही है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कर्नल अजय कोठियाल को सीएम प्रत्याशी बनाकर बड़ा दांव खेला। इसके लिए तिरंगा यात्रा के जरिए रोड शो और यात्रा के जरिए जनता का समर्थन मांग रहे हैं। इस तरह पहली बार चुनावी समर में आम आदमी पार्टी ने भाजपा कांग्रेस से अलग नामों पर रैलियां और यात्राएं शुरु की है। जबकि भाजपा कांग्रेस एक दूसरे के नामों पर ही काउंटर कर सियासी पारी खेलने में लगे हैं। जो कि चुनाव तक इस तरह एक दूसरे को नामों की सियासत से पटखनी देने की कोशिश में लगे हैं।












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