नारायण आश्रम में योग, ध्यान, साधना के लिए आ सकते हैं पीएम मोदी, गुजरात से है खास कनेक्शन, जानिए यहां का खर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर माह में उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं। इस बार पीएम मोदी पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में नारायण आश्रम में ध्यान और योगा के साथ समय बिताने आ सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर माह में उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं। इस बार पीएम मोदी पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में नारायण आश्रम में ध्यान और योगा के साथ समय बिताने आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो स्थानीय प्रशासन और आश्रम में इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आश्रम का संचालन गुजरात का एक ट्रस्ट करता है। जिसमें कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं। नारायण आश्रम से पर्यटक ओम पर्वत और आदि कैलाश पर्वत भी जाते हैं।

PM narendra Modi visit Narayan Ashram pithoragarh connection Gujarat, know the expenses here

पिथौरागढ़ का नारायण आश्रम आध्यात्मिक शांति का प्रतीक हैं। 1936 में श्री नारायण स्वामी द्वारा आश्रम स्थापित किया गया। यह क्षेत्र नेपाल और चीन सीमा से लगा हुआ है। दक्षिण के एक संत नारायण स्वामी द्वारा नौ हजार फीट की ऊंचाई पर नारायण आश्रम की स्थापना की गई थी। जिसे अब भी कुछ लोग नारायण स्वामी के नाम से जानते हैं। यहां सालभर पर्यटक शांति और सुकून की तलाश में पहुंचते हैं। जिसमें से सबसे ज्यादा गुजराती पर्यटक रहते हैं।

नारायण स्वामी के ट्रस्टी जिपेंद्र पारिख ने वन ​इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि 12 से 14 अक्टूबर के बीच पीएम मोदी के आने की सूचना है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी कंफर्म नहीं है। उन्होंने बताया कि आम आदमी अगर आश्रम में रुकना चाहता है तो एक दिन का रहने, खाने का 750 रुपए शुल्क है। जो कि उनसे फोन पर बुकिंग किया जाता है।

स्थानीय गाइड गणेश सिंह दुग्ताल ने बताया कि वे पर्यटकों को आश्रम में लेकर जाते हैं। जिसके लिए धारचूला से करीब 4 से 5 घंटे का समय लग जाता है। आश्रम में अक्सर पर्यटकों ध्यान और समय बिताने पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि आश्रम की वजह से यहां रुकने और खाने का 700 रुपए तक खर्चा आ जाता है। यहां पर आश्रम की ओर से खाने, पीने और रहने की व्यवस्था होती है। यहां पर स्थानीय भोज में विशेषकर गुजराती खाना ही परोसा जाता है। साथ ही आश्रम में भजन, कीर्तन और समय बिताकर पर्यटकों को शांति मिलती है। जिस वजह से यहां पर्यटक आना पसंद करते हैं।

उन्होंने बताया कि आश्रम में एक सीजन में 400 से 500 पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा गुजरात से कई टीमें यहां सीधे आश्रम में आती है। गणेश सिंह दुग्ताल का कहना है कि यहां के स्थानीय लोगों के लिए पर्यटक ही रोजगार का साधन हैं। उनकी 11 लोगों की टीम है। जो लोगों को आश्रम तक ले जाने और अन्य आसपास के जगहों को घूमाने का काम करते हैं। इसी से सभी का घर चलता है।

गणेश ने बताया कि स्थानीय लोगों को कई बार पीएम मोदी के आश्रम पहुंचने की सूचना मिली लेकिन पीएम के न आने से स्थानीय लोग मायूस हुए। इस बार पीएम के कार्यक्रम तय होने का स्थानीय लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि पीएम के आने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का रोजगार भी बढ़ेगा।

नारायण आश्रम की स्थापना वर्ष 1936 में नारायण स्वामी ने पिथौरागढ़ से लगभग 136 किलोमीटर उत्तर और तवाघाट से 14 किलोमीटर दूर की थी। 2734 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित है। इसमें स्थानीय बच्चों के लिए एक स्कूल है और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करता जाता है। यहां एक पुस्तकालय, ध्यान कक्ष और समाधि स्थान भी है। नारायण आश्रम में प्रतिवर्ष योग, साधना, ध्यान के वृहद शिविर भी लगते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+