Uttarakhand मोदी और योगी के बाद अब उत्तराखंड के सीएम धामी भी शुरू करने जा रहे ये अभियान, ऐतिहासिक होगा ये कदम
Uttarakhand बदले जाएंगे ब्रिटिशकालीन प्रतीकों, स्थानो के नाम
उत्तराखंड में भी ब्रिटिशकालीन प्रतीकों और स्थानों के नाम बदलने को लेकर अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि प्रदेश में जो भी इस तरह के प्रतीक हैं उनकी सभी विभागों से सूची मांगी गई है। इसके बाद साफ है कि प्रदेश में कई जगहों के नाम बदलने को लेकर राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। सीएम धामी का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पौड़ी स्थित लैंसडाउन छावनी के नाम बदलने के प्रस्ताव भेजे जाने की चर्चा है, जिसका नाम कालो का डांडा किया जा सकता है।

ऐसे जगहों के नाम बदले जाएंगे जो कि ब्रिटिशकालीन नाम हैं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बयान में साफ संकेत दिए कि उत्तराखंड के ऐसे जगहों के नाम बदले जाएंगे जो कि ब्रिटिशकालीन नाम हैं। बता दें कि बीते कुछ दिनों से लैंसडाउन का नाम बदलने की चर्चाऐं तेज है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी सेना द्वारा गुलामी की पहचान मिटाने की कोशिशों में लैंसडाउन का नाम परिवर्तन को शामिल करने का स्वागत किया है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भारतीय सेना का अपने संस्थानों के ब्रिटिश कालीन नामों को उनके असली पहचान वाले नामों में बदलने की यह मुहिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की औपनिवेशिक व गुलाम मानसिकता वाली सोच को परास्त करने की मुहिम में एक कड़ी है।
लैंसडाउन छावनी के नाम बदलने के प्रस्ताव
भाजपा अध्यक्ष भट्ट ने इसी क्रम में पौड़ी स्थित लैंसडाउन छावनी के नाम बदलने के प्रस्ताव भेजे जाने पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए कहा कि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है, लिहाज़ा प्रदेश व देशवासियों का नैतिक मनोबल व स्वाभिमान बढ़ाने वाले प्रत्येक कदम में साथ है। उन्होंने कहा स्थानीय लोगों व प्रदेशवासियों की लंबे समय से इस स्थान के मौलिक नाम कालो का डांडा को पुनर्स्थापित करने की मांग रही है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि लैंसडाउन छावनी अधिकारियों द्वारा सैन्य योजना के अनुसार व जनभावनाओं के अनुरूप नाम परिवर्तन का यह प्रस्ताव शीघ्र ही मंजूर हो जाएगा ।भट्ट ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 70 साल तक देश में सत्ता सुख भोगने वालों को विचार करना चाहिए, अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षा से अधिक देश समाज की सांस्कृतिक व स्वाभिमान बढ़ाने वाली पहचान को सम्मान देना अधिक जरूरी है।
स्थानों, सड़कों और भवनों के नाम बदलेगी जो गुलामी की प्रतीक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ऐसे ही इरादे जता दिए हैं। माना जा रहा है कि सीएम धामी सभी विभागों से सैन्य छावनियों से बाहर स्थानों, सड़कों या भवनों के ब्रिटिशकालीन नामों की सूची और उनके स्थान पर रखे जाने वाले नामों का ब्योरा मांग सकते हैं। धामी सरकार प्रदेश में ब्रिटिशकाल के उन सभी स्थानों, सड़कों और भवनों के नाम बदलेगी जो गुलामी की प्रतीक माने जाते हैं। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मुहिम की शुरूआत कर चुके हैं, आने वाले दिनों में उत्तराखंड में भी ये पहल शुरू होने जा रही है।












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