जानिए क्या है युवाओं का 'धन्यवाद प्रकृति अभियान ,कैसे बदल रहा पहाड़ के गांव की तस्वीर,पीएम मोदी ने भी की तारीफ
भारत-चीन सीमा के निकट उत्तरकाशी जिले का झाला गांव चार धाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है। भागीरथी नदी के किनारे स्थित झाला गांव जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से 70 किमी दूर है। यहां से गंगोत्री की दूरी 30 किमी है। गंगोत्री मार्ग पर पड़ने वाले झाला गांव पर्यटन का केंद्र भी है।
लेकिन झाला गांव अब देश भर में स्वच्छता प्रहरी के लिए भी एक मिसाल बनता जा रहा है। जिसका श्रेय जाता है, झाला गांव के युवक मंगल दल के युवाओं और कुछ अन्य संस्थाओं को। जो कि हर रोज गांव और आसपास के बाजार में हर रोज स्वच्छता अभियान चलाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी इसका जिक्र किया है। जिससे इन युवाओं का मनोबल बढ़ गया है। इस अभियान का नेतृत्व और शुरुआत करने वाले युवक मंगल दल के अध्यक्ष 28 वर्षीय अभिषेक रौतेला ने बताया कि झाला गांव में स्वच्छता अभियान की शुरुआत 2020 में शुरू हुई।
पढ़ाई के साथ सफाई भी
8 जुलाई 2024 से वे 'धन्यवाद प्रकृति अभियान' को चला रहे हैं। जिसमें नियमित तरीके से सुबह दो घंटे स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। युवक मंगल दल में 30 युवा साथी हैं। जो कि इस अभियान से जुड़े हुए हैं। खास बात ये है कि सभी अच्छे पढ़े लिखे हैं और रोजगार के साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं।
प्लास्टिक युक्त अजैविक कचरे पर विशेष ध्यान
यहां सेब और पर्यटक के क्षेत्र में ही युवा जुड़े हुए हैं। अभिषेक ने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत गांव के सभी 140 घरों और बाजार से कचरा एकत्र कर संग्रहण केंद्र पहुंचाते हैं। इस दौरान प्लास्टिक युक्त अजैविक कचरे पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
कहां से मिली प्रेरणा
उन्होंने बताया कि इस अभियान की सोच तत्कालीन सीडीओ जय किशन की प्रेरणा से मिली। अब इसमें गांव की प्रधान सुरजा देवी का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। साथ ही डीआरएस संस्था के सहयोग से कूड़ा कलेक्शन होकर रिसाइकिल के लिए हरिद्वार भेजा जाता है।
पहाड़ों में बढ़ रही कूड़े की समस्या
अभिषेक ने बताया कि पहाड़ों में भी कूड़े के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। खासकर चार धाम यात्रा मार्गों पर टूरिस्ट इसका जमकर इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कूड़े का निस्तारण बहुत जरुरी है। इसके लिए वे इस अभियान को चला रहे हैं।
ग्रामीण भी हो रहे अवेयर
उन्होंने कहा कि अभियान के चलाने के बाद लोगों में भी जागरुकता आई है। प्रधान ने सभी ग्रामीणों को कूडे दान भी दिए हैं। जिसके बाद लोग अब कचरे का खुद से ही प्रबंधन करते हैं। जिससे जगह जगह कूड़ा नजर नहीं आता है।












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