Patwari paper leak: पहली परीक्षा में फेल हो गया उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, अब इन पर टिकी निगाहें
सरकार ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से कराने का निर्णय लिया। समूह ग की 23 भर्तियों को आयोग को सौंपा गया। लेकिन धामी सरकार का भरोसा यहां भी ध्वस्त हो गया।

उत्तराखंड में धामी सरकार ने नकलविहीन एग्जाम कराने और परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को परीक्षाओं की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन जिस तरह से आयोग के अंदर से ही पटवारी पेपर लीक हुआ, उसके बाद अब आयोग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आयोग के सामने अब इस साल होने वाली 31 प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी कराने की चुनौती सामने है।
22 जनवरी को होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती, आयोग के सामने चुनौती
सबसे पहली अग्नि परीक्षा अब 22 जनवरी को होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती की होगी। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा 894 पदों की 22 जनवरी को 600 से अधिक केंद्रों पर होने जा रही है, जिसमें दो लाख 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही 28 से 31 जनवरी के बीच आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा होने जा रही है। इतना ही नहीं एक बार लीक हो चुके पटवारी परीक्षा को दोबारा 12 फरवरी को कराने की भी आयोग के सामने बड़ा चैलेंज है।
धामी सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग, यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण सामने आने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीय संस्था उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से कराने का निर्णय लिया।
समूह ग की 23 भर्तियों को आयोग को सौंपा गया
समूह ग की 23 भर्तियों को आयोग को सौंपा गया। लेकिन धामी सरकार का भरोसा यहां भी ध्वस्त हो गया। आयोग के अंदर ही अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने ही पेपर लीक कर दिया। जिसके बाद अब आयोग की कार्यप्रणाली ही सवालों में आ गई है। आयोग की और से 2023 में 32 भर्ती परीक्षाओं की तिथियों का कलैंडर पहले ही जारी हो चुका है। अब पटवारी परीक्षा लीक सामने आने के बाद आयोग के इन परीक्षाओं को सुरक्षित कराने की चुनौती है। इसके साथ ही उत्तराखंड के उन युवाओं का विश्वास जीतना होगा जो कि पटवारी परीक्षा के बाद पेपर लीक होने से निराश हुए हैं।
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चार साल से इस तरह की भर्तियों का खेल खेल रहा था मास्टरमाइंड संजीव चतुर्वेदी
पटवारी परीक्षा पेपरलीक का मास्टरमाइंड संजीव चतुर्वेदी के दूसरे परीक्षाओं में किस तरह की भूमिका रही है। एसटीएफ अब इस पर भी काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ को ऐसे इनपुट मिले हैं, कि संजीव का दूसरे कई परीक्षाओं में भी भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि संजीव चार साल से इस तरह की भर्तियों का खेल खेल रहा था। एसटीएफ की जांच में लेखपाल-पटवारी भर्ती के अलावा तीन अन्य भर्तियों के पेपर लीक कर बेचने की पुष्टि हो चुकी है। इनमें जेई, एई और प्रवक्ता भर्तियां शामिल हैं। इनके पेपर के लिए संजीव ने मोटी रकम वसूली थी। एसटीएफ को अभी केवल 2021 में तीन भर्तियों में खेल के इनपुट मिले हैं। लेकिन इस तरह का खेल लंबे समय से चल रहा था, ऐसी आशंका भी एसटीएफ मानकर चल रही है, जिसको लेकर एसटीएफ अब संजीव चतुर्वेदी का पूरा काला चिट्ठा निकालने में जुटी है। जिसके बाद कई और खुलासे हो सकते हैं।












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