Patanjali Case: सार्वजनिक माफीनामा के रिकॉर्ड तलब,अगली सुनवाई के लिए रामदेव और बालकृष्ण को SC ने क्या कहा
पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन मामले में आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण पेश हुए। करीब डेढ़ घंटे चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के वकील से प्रत्येक अखबार के मूल पृष्ठ को रिकॉर्ड में दाखिल करने को कहा जिसमें सार्वजनिक माफी जारी की गई थी।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी है। अगली सुनवाई 17 मई को होगी।

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन केस में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद अब उत्तराखंड सरकार भी नकेल कसने में जुटी है।
पतंजलि विज्ञापन केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में करीब डेढ़ घंटे सुनवाई हुई। जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच में रामदेव और बालकृष्ण पांचवीं बार पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के वकील से प्रत्येक अखबार के मूल पृष्ठ को रिकॉर्ड में दाखिल करने को कहा जिसमें सार्वजनिक माफी जारी की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी आज की सुनवाई में शामिल हुआ। कोर्ट ने पतंजलि के वकील को ओरिजिनल माफीनामा (न्यूज पेपर्स की कॉपी) की जगह ई-फाइलिंग करने पर फटकार लगाई।
इसके अलावा उत्तराखंड सरकार को भी कोर्ट ने फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि अधिकारी तब जागे, जब कोर्ट ने आदेश दिया। अदालत ने स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 14 मई तक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि सरकार की ओर से एक दिन पहले योग गुरु बाबा रामदेव की दवा कंपनी पतंजलि के 14 उत्पादों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।












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