पंजाब में पास लेकिन उत्तराखंड में केजरीवाल का सीएम फेस का फॉर्मूला क्यों हुआ फेल, जानिए

आप की उत्तराखंड में तैयार की गई रणनीति पूरी तरह फेल

देहरादून, 15 मार्च। उत्तराखंड में पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी का प्रदेश में खाता भी नहीं खुल पाया है। तराई और कुमाऊं में ही आप के कुछ प्रत्याशी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाए। आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड और पंजाब में मुख्यमंत्री के चेहरे घोषित किए थे, पंजाब में जहां आप के भगवंत मान अब मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं तो उत्तराखंड में आप के सीएम फेस कर्नल अजय कोठियाल अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। ऐसे में आप की उत्तराखंड में तैयार की गई रणनीति पूरी तरह फेल हो गई है। इसके पीछे मुख्य वजह आप का उत्तराखंड में लिए गए फैसले को ही प्रमुख कारण माना जा रहा है।

Passed in Punjab but why Kejriwals CM face formula failed in Uttarakhand, know

मुफ्त बिजली समेत 10 गारंटी भी न​हीं आई काम
आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के चेहरे कर्नल अजय कोठियाल को घोषित करने के साथ ही कई बड़ी घोषणाएं भी की। केजरीवाल ने पंजाब से पहले उत्तराखंड में अपना सीएम फेस घोषित करने के साथ ही प्रदेश में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी घोषित करने, हर घर को रोजगार और 5 हजार रुपए प्रतिमाह, हर महिला को प्रति माह 1 हजार रुपए, मुफ्त तीर्थ योजना समेत 10 गारंटी देने का दावा किया था। लेकिन जनता ने आप को नकार दिया। आप के 300 ​यूनिट तक मुफ्त बिजली के बाद प्रदेश में सियासत भी काफी हद तक गरमा गई थी, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा को भी रणनीति बदलनी पड़ी थी। लेकिन चुनाव में ये सभी मुद्दे कहीं गौंण साबित हो गए। आप के मुख्यमंत्री के चेहरे कर्नल अजय कोठियाल को गंगोत्री विधानसभा में 5 हजार वोट भी नहीं मिले। ऐसे में आप का उत्तराखंड मिशन फेल हो गया।
सीएम फेस के निर्णय पर उठे सवाल
उत्तराखंड में आप ने सबसे पहले कर्नल अजय कोठियाल को सीएम फेस का चेहरा बना दिया। इसके बाद आप में कोई भी बड़ा चेहरा शामिल नहीं हुआ। कर्नल को सीएम फेस बनाने के निर्णय को जल्दबाजी में लिया गया निर्णय माना गया। हालांकि कर्नल ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा। लेकिन राजनीति के मैदान में पहली बार मैदान में उतरे कर्नल चुनावी जंग में हार गए।
कर्नल का गंगोत्री से चुनाव लड़ना
कर्नल अजय कोठियाल ने गंगोत्री विधानसभा से चुनाव लड़ा। जो कि कर्नल का गलत निर्णय रहा। गंगोत्री से भाजपा और कांग्रेस के कैडर वोट के सामने जनता ने आप को नकार दिया। कर्नल उत्तरकाशी जिले में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य के तौर पर काम कर चुके थे। ऐसे में उन्होंने गंगोत्री को चुना, लेकिन जनता का आप को किसी तरह का खास समर्थन नहीं मिला।

संगठन में नहीं नजर आई एकजुटता
आप ने पहले कार्यकारी अध्यक्ष एसएस कलेर की अगुवाई में चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई। लेकिन बाद में कलेर ने खटीमा में चुनाव लड़ने का ऐलान कर संगठन से दूरी बना दी। इसके बाद आप ने कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर चुनाव लड़ा। जिसकी कमान प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया के हाथ ही रही। आप का संगठन चुनाव में कहीं भी एकजुट नजर नहीं आया। आप को शुरूआत में कई भाजपा, कांग्रेस छोड़कर नेताओं ने ज्चाइन किया, लेकिन चुनाव आते ही कई पदाधिकारियों ने आप को छोड़ दिया। इस तरह आप का संगठन मजबूत होने की जगह कमजोर हो गया।

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