Panchayat chunav 2025: गांव की सरकार के लिए मतदान जारी, बारिश में भी दिख रहा उत्साह, सीएम धामी ने भी डाला वोट
Uttarakhand panchayat chunav 2025: उत्तराखंड में आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान जारी है। सुबह 8 बजे से वोटिंग चल रही है। जो शाम 5 बजे तक चलेगा कई जगह बारिश के बावजूद लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और युवा बढ़-चढ़कर मतदान में भाग ले रहे हैं। पहले चरण में आज सदस्य ग्राम पंचायत के 2247, प्रधान के 9731, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 4980 और सदस्य जिला पंचायत के 871 प्रत्याशियों का चुनाव होगा।प्रथम चरण के होने वाले मतदान में लगभग 26 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माता जी के साथ नगला तराई (खटीमा) में मताधिकार का प्रयोग किया। सीएम धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि यह सिर्फ एक वोट नहीं बल्कि उत्तराखंड के गांव-गांव में लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का संकल्प है।
धामी ने अपील की कि लोकतंत्र के इस पर्व में सहभागी बनें, अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचें और अपने मत से ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन करें जो विकास, पारदर्शिता और सेवा के मूल मंत्र पर खरे उतरें। आपका एक वोट, गांव की तस्वीर बदलने की शक्ति रखता है। सशक्त पंचायतें ही सशक्त उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अल्मोड़ा जनपद के सोमेश्वर में मतदान किया। सोमेश्वर के शहीद बिशन सिंह बोरा अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज स्थित अपने बूथ पर पहुंचकर लाइन में लगी और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस अवसर पर उन्होंने मतदाताओं से अनिवार्य रूप से मतदान करने की अपील भी थी।
उत्तराखंड में पहले चरण का पंचायत चुनाव शुरू हो गया है। गढ़वाल मंडल के छह जिलों के 26 और कुमाऊं मंडल के छह जिलों के 23 विकासखंडों में पहले चरण का मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग को इस बार भी पंचायत चुनाव में 70 फीसदी से अधिक मतदान की उम्मीद है। अक्तूबर 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 69.59 प्रतिशत मतदान हुआ था।
यहां पहले चरण के लिए वोटिंग-
अल्मोड़ा के ताकुला, धौलादेवी, ताड़ीखेत, भैंसियाछाना, लमगड़ा और चौखुटिया। ऊधमसिंह नगर के खटीमा, सितारगंज, गदरपुर व बाजपुर। चंपावत के लोहाघाट एवं पाटी। पिथौरागढ़ के धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी और कनालीछीना। नैनीताल के बेतालघाट, ओखलकांडा, रामगढ़ और धारी। बागेश्वर के बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट। उत्तरकाशी के मोरी, पुरोला व नौगांव। चमोली के देवाल, थराली, ज्योतिर्मठ व नारायणबगड़। टिहरी गढ़वाल के जौनपुर, प्रतापनगर, जाखणीधार, थौलधार व भिलंगना। देहरादून के चकराता, कालसी व विकासनगर। पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू, पाबौ, थलीसैंण, नैनीडांडा, बीरोंखाल, रिखणीखाल, एकेश्वर व पोखड़ा और रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ, जखोली व अगस्त्यमुनि।












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