Panchayat chunav:3 गांवों का कमाल,ऑफिसर बनेंगे प्रधान, संभालेंगे कमान, CM धामी ने कहा-प्रेरणादाई रिवर्स पलायन
Panchayat chunav :उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जारी है। इस बीच ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए प्रत्याशियों ने पूरा जोर लगा दिया है। पंचायत चुनावों के बीच कई ग्राम पंचायतों ने मिसाल भी पेश की है। जहां निर्विरोध प्रधान चुने हैं।
पिथौरागढ़ की गुंजी ग्राम पंचायत, पौड़ी की बिरगण ग्राम पंचायत, टिहरी के सजवाण कांडा गांव ने इतिहास रचते हुए मिसाल पेश की है। टिहरी के सजवाण कांडा गांव के लोगों को अपनी सामान्य सीट पर आरक्षित वर्ग के पूर्व सेवानिवृत्ति तहसीलदार गंभीर सिंह को निर्विरोध चुना है। जो कि ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.) बिमला गुंज्याल के सीमांत जिले पिथौरागढ़ की गुंजी ग्राम पंचायत और पूर्व कर्नल यशपाल सिंह नेगी के जिले पौड़ी की बिरगण ग्राम पंचायत के निर्विरोध ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए हैं। सीएम धामी ने दोनों को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने इसे रिवर्स पलायन का एक प्रेरणादायक और सुखद उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों का ग्राम प्रधान चुना जाना पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती देगा और उनके अनुभव से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गुंजी और बिरगण ग्राम पंचायतें मॉडल ग्राम के रूप में उभरेंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के उदाहरण दर्शाते हैं कि रिटायरमेंट के बाद भी व्यक्ति अपने अनुभव और सेवा भावना से गांव की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार ऐसे सभी प्रयासों को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा ने बड़ी संख्या में निर्विरोध पंचायत प्रतिनिधियों के चुने जाने को स्वास्थ्य लोकतंत्र का संकेत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, सामान्य सीट पर आरक्षित व्यक्ति को तरजीह देकर प्रदेश की महान जनता ने देश में जातिवादी राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया है। वहीं आईपीएस, उच्च सैन्य अधिकारियों, टेक्नोक्रेट और सामाजिक क्षेत्र के सफल लोगों का ग्राम सेवा के लिए आगे आना उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिस तरह के नामांकन सामने आए हैं वह प्रदेश में मजबूत और परिपक्व लोकतंत्र को दर्शाता है। क्योंकि गांव की सेवा के लिए रिटायर्ड महिला आईजी, कर्नल, वरिष्ठ अधिकारी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव का नेतृत्व करने वाले लोग बड़े पैमाने पर आगे आए हैं। ऐसे योग्य, प्रतिबद्ध, कर्मठ व्यक्तियों का समर्पण भाव से जनसेवा और विकास कार्यों में सहयोग के लिए स्वयं को पेश करना शुभ संकेत है गांव के कायाकल्प का। और उनमें भी कई लोगों को जनता द्वारा अपनी एकमात्र पसंद बताना, उनकी परिपक्वता को दिखाता है।
उन्होंने उन सभी ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सर्वोच्च उदाहरण पेश करते हुए निर्विरोध अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया है। उन्होंने टिहरी के सजवाण कांडा गांव के लोगों को अपनी सामान्य सीट पर आरक्षित वर्ग के पूर्व सेवानिवृत्ति तहसीलदार गंभीर सिंह को निर्विरोध चुनने के लिए विशेष रूप से बधाई दी है।
कहा, ऐसा करके देवभूमिवासियों ने देश भर में जातीय उन्माद की राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया है। इसी तरह बहुत प्रसन्नता की बात है कि सैकड़ों गांवों ने निर्विरोध अपने प्रतिनिधि का चुनाव किया है। दरअसल लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर चुनाव संपन्न होना इसकी मजबूती है, लेकिन सर्वसम्मति से योग्य व्यक्ति का चुनाव करना इसकी खूबसूरती है। उन्होंने योग्य व्यक्तियों को सुयोग्य मतदाताओं द्वारा निर्विरोध चुने जाने की प्रक्रिया के लिए प्रदेशवासियों को भी बधाई दी है।












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