उत्तराखंड: तोता घाटी में भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग-58 बाधित, पहाड़ दरकने से गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें
ऋषिकेश, 20 अगस्त: उत्तराखंड राज्य में तोता घाटी के पास पहाड़ी रास्ते एक बार फिर बाधित हो गए हैं। ऋषिकेश से श्रीनगर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-58 बाधित है। पहाड़ ढहने से बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे आ गिरीं। जिससे वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है। बड़ी संख्या में लोग आधे रास्ते पर ही अटक गए हैं। पहाड़ दरकने के कई वीडियो सामने आए हैं। आप देख सकते हैं कि, क्या हालत हुए हैं।
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NH-8 पर शिवमूर्ति इलाका की घटना
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भूस्खलन के कारण शिवमूर्ति, तोता घाटी और सौधपानी के पास अवरुद्ध है। वहीं, ऋषिकेश-श्रीनगर हाईवे पर शिवमूर्ति के पास का रास्ता भी बंद हो गया है। बताया जा रहा है कि, पुलिस एवं सड़क मार्ग प्रबंधन मौके पर पहुंच गया है और टीमें रास्ता साफ करने में लगी हैं।

भूस्खलन से पहले भी हुआ नुकसान
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से पहाड़ कमजोर हो रहे हैं और इसी वजह से यहां कई भूस्खलन जोन बन गए हैं। भारी बारिश की वजह से यहां जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। शनिवार को ऐसे ही भूस्खलन के चलते जोशीमठ के झाड़कुला इलाके में स्थित तीन मंजिला ढह गया था। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। न्यूज एजेंसी ने बताया कि, यह होटल बदरीनाथ हाईवे पर झड़कुला के समीप है। हालात देखते हुए जोशीमठ प्रशासन ने इस होटल को वैसे तो पहले ही पूरी तरह से खाली करवा लिया था। लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। उसके बाद शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश के कारण शनिवार की दोपहर में होटल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। फिर तो बर्बादी ही दिखी। बिल्डिंग ढहते ही हर तरफ मलबा फैल गया। प्रशासन ने बाद में बेरीकेड लगाकर वहां जाने पर पाबंदी लगा दी।

बारिश के चलते लगातार भूस्खलन
खबरों के मुताबिक, भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे का लगभग 200 मीटर हिस्सा भी खतरे की जद में आ गया था। हालांकि गनीतम ये रही कि, पहाड़ी के नीचे बने घरों पर होटल का मलवा नहीं गिरा। इससे पहले गत 25 जुलाई को बारिश से तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की सुरंग के आगे से भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया था। वहीं, दूसरी ओर टिहरी में चंबा-धरासू हाईवे पर गोजमेर गांव के पास भारी भूधंसाव होने से शनिवार सुबह सात घंटे तक बंद रहा, जिससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पहाड़ी से लगातार मिट्टी-पत्थर गिरने के कारण मलबा हटाने में बीआरओ को काफी पसीना बहाना पड़ा। पिछले कुछ समय से उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश के चलते लगातार भूस्खलन की डराने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं।












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