Kainchi Dham में जाने वाले भक्तों के लिए नई व्यवस्था हुई लागू, ट्रैफिक संचालन के लिए उठाए ये बड़े कदम
कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन की और से ये निर्णय लिया गया है। अब निजी वाहनों से कैंची धाम नहीं जा सकेंगे। भीमताल और भवाली से शटल सेवा उपलब्ध होगी। शटल सेवा सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलेगी।
उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पर्यटन सीजन में यहां अच्छी खासी भीड़ हो जाती है। ऐसे में प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा और नए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था लागू कर दी है।

श्रद्धालुओं को भीमताल और भवाली से शटल सेवा के जरिए मंदिर तक पहुंचाया जाएगा। इस बीच पुलिस की और से नए पार्किंग स्थलों की पहचान की गई और शटल सेवा लागू करने का निर्णय लिया गया। शटल सेवा का संचालन नियमित दिनों में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। वीकेंड और त्योहारों पर सेवा का समय सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, भारी वाहनों का प्रवेश सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
- भीमताल मार्ग का उपयोग कर कैंची दर्शन के लिए आने वाले सभी पर्यटकों के वाहन इंडस्ट्रियल एरिया भीमताल पार्किंग स्थल में पार्क होंगे और उसके बाद भक्तजन शटल सेवा से कैंची दर्शन के लिए जाएंगे।
- ज्योलीकोट-भवाली मार्ग का उपयोग कर कैंची दर्शन के लिए आने वाले सभी पर्यटक वाहन भवाली सेनिटोरियम के पास स्थित कैंची बाईपास पर 1.5 किमी संख्या पर स्थित पार्किंग स्थल में पार्क होंगे और श्रद्धालु शटल सेवा से कैंची दर्शन के लिए जाएंगे।
नीम करोली पहली बार 1961 में यहां आए थे और उन्होंने 1964 में कैंची धाम की स्थापना अपने मित्र पूर्णानंद के साथ मिलकर की थी। नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है 'कैंची धाम'। बाबा की चमत्कारिक कहानियां प्रचलित बाबा नीम करोली के बारे में कई चमत्कारिक कहानियां प्रचलित हैं। उनको मानने वाले कई घटनाएं बताते हैं। नीम करोली बाबा को मानने वाले देश ही नहीं विदेश के भक्त भी यहां साल भर आते हैं। जिनमें विराट कोहली समेत कई हस्तियां शामिल हैं।












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