नारायण आश्रम: बुकिंग और कैसे पहुंचे, कितना आएगा खर्चा, जानिए पूरी जानकारी, यहीं रूकेंगे पीएम मोदी
पिथौरागढ़ का नारायण आश्रम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जिसको हिमालय का कैलाश के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर में 10 से 12 के बीच आश्रम में समय बिताने आ सकते हैं। नारायण आश्रम, आध्यात्म और प्रकृति प्रिय लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है। ऐसे में हर कोई ये जरुर जानना चाहता है कि यहां पर बुकिंग और पहुंचा कैसे जाता है, साथ ही यहां रूकने का कितना खर्चा आएगा। यहां आपको नारायण आश्रम से जुड़ी हर जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।

नारायण आश्रम की स्थापना वर्ष 1936 में नारायण स्वामी ने पिथौरागढ़ से लगभग 136 किलोमीटर उत्तर और तवाघाट से 14 किलोमीटर दूर की थी। इस आध्यात्मिक सह सामाजिक शैक्षिक केंद्र 2734 मीटर की ऊंचाई पर प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थापित है। इसमें स्थानीय बच्चों के लिए एक स्कूल है और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करया जाता है। यहां एक पुस्तकालय, ध्यान कक्ष और समाधि स्थान भी है।
वर्तमान में यहां पर गुजरात के ट्रस्टी संचालित कर रहे हैं। जिसमें कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं। आश्रम में रुकने के लिए ट्रस्टी से सीधा मोबाइल से संपर्क कर भी बुकिंग कराई जा सकती है। आश्रम में रूकने और खाने की पूरी व्यवस्था आश्रम की ओर से की जाती है। इसका शुल्क एक साथ देना होता है। जो कि पूरा 750 रुपए है।
खाने में गुजराती व्यंजन शामिल होता है। यहां बाहर से लाकर खाने पर प्रतिबंध है। बुकिंग के लिए 09427490810 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही केएमवीएन की वेबसाइट पर भी इसकी बुकिंग को लेकर सारी जानकारी मिल जाएगी। आश्रम के पास केएमवीएन का गेस्ट हाउस भी है। आसपास अब होम स्टे भी खुल गए हैं।
नारायण आश्रम कैलास मानसरोवर यात्रा के यात्रियों के लिए एक अहम पड़ाव है। नारायण आश्रम का वातावरण और प्रकृति की सुंदरता का एक अनूठा संगम है। जो यहां ध्यान, योग, साधना के लिए सबसे उपयुक्त स्थल बनाता है। यह पंचाचूली पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है, आश्रम के हर कोने में फूलों का संसार और सेब के बगीचे यहां स्वर्ग जैसा एहसास कराते हैं।
नारायण आश्रम पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ से 116 किमी का सफर तय करना पड़ता है। जबकि रेल के लिए काठगोदाम स्टेशन जो कि करीब 350 किमी दूरी पर है। टनकपुर स्टेशन पिथौरागढ़ से 150 किमी है। इसके अलावा हवाई यात्रा नैनी सैनी हवाई अड्डे से 100 किमी दूरी पर है। इस तरह आश्रम पहुंचने के लिए पिथौरागढ़ जिले में पहले सड़क या हवाई मार्ग से पहुंचना होगा। जबकि ट्रेन की काठगोदाम स्टेशन तक ही सुविधा मिलेगी। सड़क मार्ग से धारचूला करीब 24 किमी दूर है। जहां से आश्रम पहुंचने में 2 घंटे का समय लगता है।












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