गर्मियों में पहाड़ों पर जाने से पहले जरूर पढ़ें ये मौसम रिपोर्ट, IMD ने उत्तराखंड में दिया 4 दिन का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने 9 से 12 अप्रैल तक रेड अलर्ट जारी किया
देहरादून, 9 अप्रैल। उत्तराखंड में अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी का प्रकोप नजर आने लगा है। मौसम विभाग ने भी 9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक तापमान सामान्य से बहुत अधिक रहने की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। जंगलों में आग की घटनाओं से पहले ही वातावरण प्रभावित हो रहा है। अब गर्मी से बर्फ पिघलने और हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

पहाड़ों में भी सामान्य से बहुत तापमान
गर्मी शुरू होते ही सभी पहाड़ों का रूख करने की तैयारी में रहते हैं। लेकिन इस बार जिस तरह का मौसम अप्रैल में नजर आ रहा है। उससे लगता है कि आने वाले दिनों में पहाड़ों पर भी पसीने छूट सकते है। अप्रैल में ही जब मौसम का कहर इस तरह बरपा है तो मई और जून में क्या हालात होंगे। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 3 मई से चारधाम यात्रा का संचालन भी शुरू होना है। जब अधिकतम यात्री पहाड़ों की तरफ रुख कर सकते हैं। लेकिन इस बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक बिक्रम सिंह ने बताया कि 9, 10, 11 और 12 अप्रैल को उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में सामान्य से बहुत ज्यादा तापमान रहने का अनुमान है। इस दौरान इन जिलों में कुछ स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।वहीं उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में उच्च हिमालयी क्षेत्रों (3500 मीटर से ज्यादा) वाले इलाकों में बर्फ पिघलने से हिमस्खलन होने का भी खतरा है। मौसम विभाग का यह भी दावा है कि गर्मी के ये तेवर 18 साल बाद दिख रहे हैं, जबकि तेज़ गर्मी के दो महीने अभी शेष हैं। उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में खासतौर पर सामान्य से ज्यादा तापमान रहने का पूर्वानुमान है। इन दिनों तापमान 6 से 8 डिग्री तक हाई जा रहे हैं इसलिए इस बार पीक सीज़न में पहाड़ में ज़बरदस्त गर्मी के आसार बन रहे हैं।
देहरादून में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
मौसम अप्रैल में ही किस कदर कहर बरपा रहा है। इसका उदाहरण गुरूवार को सामने आ चुका है। जब देहरादून में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह इस सीजन का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है। अप्रैल के महीने में पडऩे वाली गर्मी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों में 2021 का अप्रैल सबसे गर्म रहा। 28 अप्रैल 2021 को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि इस वर्ष मार्च का महीने का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान भी 2021 की तरह सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन 2021 और 2022 में सबसे बड़ा फर्क यह था कि इस वर्ष पूरे मार्च के महीने में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया था।
गर्मी के साथ ही बिजली संकट भी
प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली का संकट भी बढ़ गया है। सुबह के 12 बजे से पांच बजे के बीच सबसे ज्यादा संकट आ रहा है। उद्योगों और ग्रामीण इलाकों में 3 से 4 घंटे की कटौती हो रही है। जिससे गर्मी और मच्छर से लोग परेशान हो रहे हैं। इस बीच परीक्षाओं के दिन होने से भी लोगों की शिकायतें सामने आने लगी हैं।












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