उत्तराखंड में मानसून का कहर, 16 लोग लापता, तलाश जारी, उम्मीद कम, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में जारी है रेस्क्यू
उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने जमकर कहर बरपा है। बीते दिनों में रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में हुए हादसों में 16 लोगों की तलाश अभी भी जारी है, जबकि कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है। लेकिन जैसे जैसे समय गुजर रहा है, आस कम होती जा रही है।
बीती 26 जून को रुद्रप्रयाग जिले में घोलतीर के पास अलकनंदा में समाई बस का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। साथ ही 7 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य में टीम जुटी हुई है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन बारिश की वजह से बाधित हो रहा है।

प्रशासन की ओर से अब भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से मिलने की उम्मीद कम लग रही है। बीती 23 जून को उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर भूस्खलन हादसे में लापता दो लोगों की भी तलाश जारी है। माना जा रहा है कि यमुनोत्री के पैदल मार्ग पर हुए भूस्खलन में जो लोग लापता हुए हैं, वो नदी के तेज बहाव में बहकर आगे निकल गए हो।
उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र के सिलाई बैंड में अतिवृष्टि (भूस्खलन) की चपेट में आए मजदूरों की तलाश भी की जा रही है। ये मजदूर बीते रविवार 29 जून को तड़के भूस्खलन की वजह से लापता हो गए थे। 29 जून को बड़कोट क्षेत्र के सिलाई बैंड के पास मजदूरों के कैंप भूस्खलन की चपेट में आ गया था। जहां 29 मजदूर रह रहे थे, जिनमें 20 मजदूर सुरक्षित बच गए। जबकि, बाकी 9 हादसे में लापता हो गए थे। इनमें से 2 शव बरामद कर लिए गए थे। जबकि, अभी भी 7 लोग लापता हैं।
बादल फटने की वजह से हुए हादसे के बाद ये मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। तीसरे दिन भी मार्ग बंद है। प्रशासन लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। हालांकि इन लोगों के बचने की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। उधर उत्तरकाशी प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को शीघ्र बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
सिलाई बैंड के पास वाश आउट सड़क मार्ग आज शाम तक खुलने की संभावना है। वहीं ओजरी में भी भारी मशीनों से कार्य चल रहा है। उक्त कार्य के लिए दोनों ओर से सात पोकलैन और जेसीबी मशीनें दिन-रात जुटी हुई है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं यमुनावैली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहकर राहत एवं पुनर्वासन कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
जिलाधिकारी आज 01.07.2025 को सिलाई बैंड से ओजरी तक पैदल मार्ग से पहुंचे। इस दौरान पैदल यात्रियों से बातचीत करते हुए उनके गन्तव्य तक पहुंचने के लिए प्रशासन द्वारा की गई ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।












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