Uttarakhand news: मोबाइल पर घर बैठे बनाएं आयुष्मान कार्ड, मुफ्त इलाज के लिए ऐसे अपनाएं प्रक्रिया
अगर अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है तो ये खबर आप के काम की है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब कहीे जाने की जरुरत नहीं है। घर बैठे ही मोबाइल पर आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं। मोबाइल पर आयुष्मान भारत एप डाउनलोड कर कार्ड बना सकते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने इस एप को तैयार किया है। इसके अलावा जन सुविधा केंद्रों में भी अब आयुष्मान कार्ड बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात कर आयुष्मान कार्ड बनाने में आ रही तकनीकी दिक्कतों से अवगत कराया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने एनएचए अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में जिन लोगों ने अभी तक मुफ्त इलाज की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड नहीं बनाया है।
अब वे अपने मोबाइल पर आयुष्मान भारत एप डाउनलोड कर कार्ड बना सकते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने इस एप को तैयार किया है। एनएचए की ओर से पोर्टल पर आ रही लॉगिन समस्या को दूर कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आयुष्मान भव अभियान की भी केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्टेट कॉर्डिनेटर उत्तराखंड को तकनीकी टीम के साथ देहरादून भेजा है। टीम ने प्रदेशभर के सभी जन सुविधा केंद्रों की मैपिंग कर एनएचए पोर्टल पर आ रही लॉगिन समस्या को दूर कर लिया है। प्रदेश में आभा आईडी बनाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
सभी शिक्षण संस्थानों को पांच वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राओं के आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए गए। 26 सितंबर से दो अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जिलों में आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने का अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, अभियान के दौरान प्रत्येक जनपद को प्रतिदिन 10 हजार आभा आईडी व 5 हजार आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है।












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