जानिए कौन हैं तीन बार के MLA राजेंद्र भंडारी,एक लाइन में कांग्रेस को दिया इस्तीफा,दिल्ली में की भाजपा ज्वाइन
बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में सियासी भूचाल ला दिया है। तीन बार के विधायक, दो बार मंत्री रहे राजेंद्र भंडारी ने अपने एक लाइन के इस्तीफे से सबको चौंका दिया है। इसके बाद दिल्ली में सीएम पुष्कर सिंह धामी और गढ़वाल सीट से दावेदार अनिल बलूनी की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है।

चमोली जिले में कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक विधायक राजेंद्र भंडारी के रूप में था, जिनके इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस के विधानसभा में 18 विधायक रह गए हैं। राजेंद्र भंडारी तीन बार 2007, 2012, 2022 विधायक चुनकर आ चुके हैं। पहली बार 2007 में नन्दप्रयाग सीट से निर्दलीय विधायक, जबकि 2012 और 2022 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
भंडारी कांग्रेस के साथ भाजपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। राजेंद्र भंडारी के नाम ये रिकॉर्ड रह चुका है जिस बार विधायक बने वे मंत्री रहे। हरीश रावत सरकार में राजेंद्र भंडारी कृषि मंत्री बने। लेकिन इस कार्यकाल में वे अब तक विपक्ष में डटे रहे।
राजेंद्र भंडारी छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे। दो बार वे गोपेश्वर महाविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। राजेंद्र भंडारी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के सबसे करीबियों में शामिल रहे हैं। जब सतपाल महाराज ने कांग्रेस छोड़ी तब से राजेंद्र भंडारी के कांग्रेस छोड़ने की चर्चा थी। लेकिन राजेंद्र भंडारी ने कांग्रेस में ही रहकर 2022 का चुनाव लड़ा।
2022 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भंडारी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट करीब दो हजार वोंटों के अंतर से हराया था। उत्तराखंड के गठन से पहले यह सीट बद्री-केदार के नाम से जानी जाती थी। 2002 में बद्रीनाथ विधानसभा सीट बनाई गई थी। 2002 में कांग्रेस के अनसुइया प्रसाद, 2007 में भाजपा के केदार सिंह फोनिया, 2012 में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह भंडारी और 2017 में भाजपा के महेंद्र भट्ट जीते थे।












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