जानिए कौन हैं गढ़वाल सीट से भाजपा के प्रत्याशी अनिल बलूनी, मोदी-शाह के करीबी, पहली बार चुनावी मैदान में
भाजपा हाईकमान ने गढ़वाल सीट पर अनिल बलूनी को मैदान में उतारा है। अनिल बलूनी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहें हैं। बलूनी को पीएम मोदी और अमित शाह का करीबियों में गिना जाता है। ऐसे में बलूनी के लिए गढ़वाल सीट पर भारी अंतर से जीत दर्ज करने का दबाव भी है।

पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत का टिकट काटकर भाजपा हाईकमान ने अनिल बलूनी पर दांव खेला है। तीरथ सिंह रावत ने 2019 के लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड तीन लाख से भी ज्यादा वोटों से मनीष खंडूरी को चुनाव हराया था।भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे अनिल बलूनी उत्तराखंड की गढ़वाल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अनिल बलूनी मोदी और अमित शाह के सबसे करीबियों में से एक माने जाते हैं।
राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने पर बीते दिनों भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को प्रत्याशी बनाया, जो कि निर्विरोध राज्यसभा पहुंच गए। जिसके बाद से ही अनिल बलूनी को लोकसभा भेजने की चर्चा शुरू हो गई थी। अनिल बलूनी का पैतृक गांव पौड़ी जिले के विकासखंड कोट का नकोट है। बलूनी ने अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान पौड़ी, कोटद्वार समेत उत्तराखंड के कई इलाकों के लिए काम किया और कई केंद्रीय योजनाओं की सौगात दी।
बलूनी ने पौड़ी में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और उत्तराखंड के छात्रों को एक शैक्षिक प्रतिष्ठान का उपहार दिया। पौड़ी नगर में सांसद निधि से तारामंडल,प्लैनेटेरियम और पर्वतीय संग्रहालय ,माउंटेन म्यूजियम बनाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने अपनी सांसद निधि से एकमुश्त 15 करोड़ की राशि जारी की।
बलूनी के प्रयास से वन भूमि हस्तांतरण का कार्य भी रिकार्ड समय में पूरा हो गया। एक ही दिन में केंद्रीय वन मंत्रालय ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। परियोजना के लिए एक हेक्टेयर वन भूमि की स्वीकृति का पत्र राज्य सरकार को भेजा गया। इसके साथ ही बलूनी ने दूसरे चरण में शैक्षिक गतिविधियों को और रोचक बनाने के लिए इको पार्क व साइंस पार्क सहित अन्य गतिविधियों को जोड़ने की बात की है।
कौन हैं अनिल बलूनी
- पैतृक गांव पौड़ी जिले के विकासखंड कोट का नकोट
- गुजरात, बिहार के राज्यपाल के ओएसडी रहे
- 2000 में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री
- 2002 में कोटद्वार से चुनाव का नामांकन कराया, लेकिन निरस्त हुआ।
- दो वर्ष बाद उपचुनाव लड़ा।
- 2009 वन एवं पर्यावरण बोर्ड के उपाध्यक्ष
- 2012 भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता
- 2014 बनारस लोकसभा सीट पर मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता
- 2015 से अब तक राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख
- 2018 राज्यसभा सांसद उत्तराखंड












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