Kedarnath Yatra को लेकर बड़ी खबर, घोड़े-खच्चरों के संचालन पर 24 घंटे की रोक, जानिए क्यों उठाया गया ये कदम
Kedarnath Yatra केदारनाथ यात्रा को लेकर बड़ी खबर आ रही है। शासन ने केदार यात्रा में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों पर 24 घंटे की रोक लगा दी है। सचिव पशुपालन डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने रुद्रप्रयाग पहुंचकर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की।
जानकारी के अनुसार पशुओं में एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस की शिकायत आने पर पशु पालन विभाग ने निर्णय लिया है। जिला प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे डंडी-कंडी के साथ पालकी का सहारा लें। साथ ही पशु संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने पशुओं का संचालन ना करें।

ऐसा करने पर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एहतियातन पशुओं के संचालन पर पूर्णतया रोक रहेगी, इस दौरान अस्वस्थ पशुओं को पृथक कर क्वारंटाइन किया जाएगा। पशुओं में एक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस की शिकायत एवं कुछ घोड़े-खच्चरों की मृत्यु होने के कारण पशु पालन विभाग ने यह रोक लगाई है।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चल रहे घोड़े-खच्चरों के संचालन पर 24 घंटे की रोक लगा दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार और हरियाणा की टीमें केदारनाथ पहुंचकर जांच करेंगी। घोड़े-खच्चरों में संदिग्ध बीमारी की सूचना के बाद सचिव पशुपालन डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम रुद्रप्रयाग पहुंचे। उन्होंने हालात को देखते हुए अगले 24 घंटे तक केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन पर रोक लगा दी है। डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि घोड़े-खच्चरों में यह बीमारी न फैले, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
केंद्र सरकार की एक टीम और हरियाणा के हिसार से भी एक टीम केदारनाथ पहुंच रही है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि दो मई से अब तक केदारनाथ यात्रा में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ यात्रा में प्रतिदिन 10 से 12 हजार यात्री पैदल यात्रा कर रहे हैं। इनमें से कई घोड़े खच्चर की सुविधा लेते हैं। केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग पर करीब 5 हजार घोड़ा खच्चर चलते हैं।












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