Kedarnath dham yatra: मौत के रिकॉर्ड आंकड़े और मौसम से सबक लेकर सरकार ने तय किए नए नियम, ये करना जरुरी
केदारनाथ यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार एक दिन सोनप्रयाग में रुकना होगा। यात्री को अपनी फिटनेस रिपोर्ट दिखाने और आराम करने के लिए नया नियम बनाया गया है।

पिछले यात्रा सीजन से सबक लेते हुए सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा में कुछ नए नियम बनाए हैं। जिसमें सबसे अहम केदारनाथ यात्रा को लेकर है। केदारनाथ यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को इस बार एक दिन सोनप्रयाग में रुकना होगा। स्वास्थ्य और मौसम के अपडेट के बाद ही यात्रियों को आगे जाने दिया जाएगा। पिछले वर्ष केदारनाथ यात्रा में 146 यात्रियों की मौत हो गई थी। जो कि एक रिकॉर्ड बना था। उससे पहले वर्ष 2012 में सबसे अधिक 73 यात्रियों की मौत हुई थी।

सोनप्रयाग में रुकने का प्लान बनाया
चारों धामों में सबसे कठिन केदारनाथ धाम की यात्रा है। गौरीकुंड से केदारनाथ की 16 किमी पैदल यात्रा है। बीच में रास्ता कठिन होने के कारण कई यात्रियों को स्वास्थ्य में काफी परेशानी होती है। ऐसे में राज्य सरकार ने इस बार हर यात्री को अपनी फिटनेस रिपोर्ट दिखाने और आराम करने के लिए सोनप्रयाग में रुकने का प्लान बनाया है।
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अब तक का मौत का रिकॉर्ड बन गया
2022 की यात्रा में स्वास्थ्य कारणों की वजह से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी जो कि अब तक का मौत का रिकॉर्ड बन गया। इससे सरकारी सिस्टम पर भी सवाल उठे थे। इतना ही नहीं विपरीत मौसम से भी कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में इस बार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोकने और वहीं से आगे बढ़ने के लिए जरुरी कागज के ओके होने पर ही यात्रा कर सकेंगे।

चारधाम यात्रा इस बार 22 अप्रैल से शुरु
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा इस बार 22 अप्रैल से शुरु होगी। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षया तृतीया के पावन पर्व पर 22 अप्रैल को खुलेंगे। यमुना जयंती चैत्र शुक्ल की षष्ठी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त व समय तय किया जाएगा। इसके साथ ही केदारनाथ मंदिर के कपाट 26 अप्रैल को खोले जाएंगे। 18 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन शुभ मुहूर्त व समय तय किया जाएगा। बद्रीनाथ के कपाट 27 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। चारधाम यात्रा को लेकर पर्यटन विभाग ने पंजीकरण की तैयारी पूरी कर ली है।

कतार प्रबंधन प्रणाली लागू किया जाएगा
पंजीकरण के लिए विभाग ने वेबसाइट www.registrationandtouristcare.uk.gov.in को अपडेट किया है। चारधामों में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को लाइन में खड़ा न होना पड़े। इसके लिए पहली बार पर्यटन विभाग की ओर से कतार प्रबंधन प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके तहत धाम में पहुंचने पर श्रद्धालुओं को एक टोकन दिया जाएगा। जिसमें दर्शन के लिए समय निर्धारित होगा। टोकन प्राप्त करने के बाद श्रद्धालुओं को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। 2022 में चारों धामों में करीब 46 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।












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