Kedarnath Dham में क्रिकेट खेलते हुए Video viral, भक्तों में नाराजगी, जानिए क्यों छिड़ा विवाद
Kedarnath Dham Video viral केदारनाथ धाम हिंदूओं की आस्था का प्रतीक है। करीब 18 किमी की मुश्किल पैदल यात्रा के बाद श्रद्धालु धाम पर पहुंचते हैं और बाबा के दर्शन करते हैं। बाबा के भक्त एक बार केदारनाथ धाम जरुर आना चाहते हैं। ऐसे में धाम की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के प्रयास किए जाते हैं।
लेकिन कुछ लोग धाम में इस तरह की हरकत करते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती है। सोशल मीडिया के इस दौर पर सबकुछ वायरल हो जाता है। इस बीच केदारनाथ धाम के पास कुछ लोगों के क्रिकेट खेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसको लेकर भक्तों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है।

बता दें कि इन दिनों मानसून के चलते केदारनाथ की यात्रा सबसे मुश्किल हो रही है। जगह जगह लैंडस्लाइड और भूस्खलन से यात्रा बाधित हो रही है। ऐसे में धाम से क्रिकेट खेलने का वीडियो सामने आने से कई लोग नाराजगी दर्ज करा चुके हैं। इसको लेकर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी के प्रबंधन पर भी सवाल उठा रहे हैं। बीकेटीसी कई बार धाम में इस तरह की गतिविधियां, रील और सोशल मीडिया के प्रयोग पर सख्त रवैया अपनाता रहा है। लेकिन समय समय पर सोशल मीडिया के जरिए ये चीजें सामने आती रहती हैं। जिसको लेकर सवाल उठने लाजिमी हैंं।
वायरल वीडियो में कुछ लोग केदारनाथ मंदिर के समीप क्रिकेट खेल रहे हैं। करीब 18 सेकेंड के वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ श्रद्धालुओं भी आते जाते दिखाई पड़ रहे हैं। यह लोग स्थानीय है,या फिर तीर्थ यात्री हैं, इसका कुछ पता नहीं चल पाया लेकिन वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि ये तीर्थ यात्री है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। कुछ दिन पहले बदरीनाथ धाम में फोटो खिंचाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट तक हो गई थी। ये वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष और समाजसेवी अनूप नौटियाल का कहना है कि इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं हैं। कई लोग हैरान थे और उन्हें लगा कि यह पूरी तरह से अनुचित है, वहीं कुछ ऐसे भी थे जिन्हें केदारनाथ में क्रिकेट खेलने में कुछ भी गलत नहीं लगा। अनूप नौटियाल का कहना है कि मेरी चिंता इस एक क्रिकेट मैच के बारे में नहीं है, बल्कि एक बड़े, गहरे सवाल के बारे में है।
केदारनाथ और हमारे राज्य के अन्य धार्मिक और तीर्थ स्थलों पर क्या उचित है? अगर आज हम वहां क्रिकेट खेलना सामान्य कर देते हैं, तो कल कोई व्यक्ति या यहां तक कि कोई स्थानीय दुकानदार फुटबॉल या वॉलीबॉल मैच या यहां तक कि नृत्य प्रतियोगिता आयोजित करने से क्या रोकता है? कोई व्यक्ति कहां रेखा खींचता है, और इन सीमाओं को कौन तय करता है? यही असली मुद्दा है।












Click it and Unblock the Notifications