Kedarnath by election: भाजपा की आशा,कांग्रेस से मनोज,जानिए किसमें कितना है दम,चुनाव की दिलचस्प बातें
Kedarnath by election: केदारनाथ उपचुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। भाजपा से पूर्व विधायक और महिला मोर्चा की अध्यक्ष्र आशा नौटियाल को टिकट दिया गया है तो कांग्रेस ने पूर्व विधायक मनोज रावत पर विश्वास जताया है। ऐसे में केदारनाथ की जंग दिलचस्प हो गई है।
खास बात ये है कि आशा नौटियाल दो बार की जबकि मनोज रावत एक बार के विधायक हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में मनोज रावत, तब निर्दलीय चुनाव लड़ी आशा नौटियाल को चुनाव हरा चुके हैं। भाजपा ने केदारनाथ में इस बार परिपाटी बदलते हुए उपचुनाव में आशा नौटियाल पर दांव खेला है।

कौन हैं आशा नौटियाल
आशा नौटियाल के राजनीतिक जीवन का सफर 1996 में रुद्रप्रयाग जिला पंचायत की सदस्य के तौर पर शुरू हुआ। आशा नौटियाल दो बार 2002 और 2007 में केदारनाथ से लगातार विधायक रही। आशा नौटियाल केदारनाथ की पहली महिला विधायक भी बनी थी। हालांकि 2012 में वह कांग्रेस की शैलारानी रावत से मात्र 1900 वोटों से चुनाव हार गईं। इसके बाद शैलारानी रावत ने 2016 में बगावत कर कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन की। जिसके बाद पार्टी ने 2017 में आशा नौटियाल का टिकट काटकर शैलारानी को भाजपा का उम्मीदवार बनाया।
बगावत भी कर चुकी हैं
आशा नौटियाल ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसका फायदा कांग्रेस को हुआ और कांग्रेस से मनोज रावत केदारनाथ के विधायक चुने गए। भाजपा से शैलारानी और निर्दलीय आशा दोनों चुनाव हार गए। इस बीच आशा नौटियाल की पार्टी में वापसी हुई और 2022 के चुनाव में फिर से शैलारानी रावत को भाजपा से टिकट मिला। इस बार शैलारानी रावत चुनाव जीत गई। आशा नौटियाल को पार्टी ने महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी। आशा नौटियाल का सरल स्वभाव, गांवों तक पकड़ और लोकप्रियता की वजह से पार्टी ने फिर उन्हें उपचुनाव में उतारा है।
कौन हैं मनोज रावत
कांग्रेस ने पूर्व विधायक मनोज रावत पर भरोसा जताया है। मनोज रावत 2017 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। पेशे से पत्रकार रहे मनोज रावत पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबियों में गिने जाते हैं। माना जा रहा है कि हरीश रावत खेमे ने इस बार मनोज को टिकट दिलाने के लिए पहले ही दिन से जबरदस्त लॉबिंग की। दरअसल पिछले यानि 2022 के विधानसभा चुनाव में मनोज रावत का प्रदर्शन काफी खराब रहा।
2022 में निर्दलीय से कम वोट
मनोज रावत निर्दलीय कुलदीप रावत से भी कम वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे। ऐसे में एक खेमा मनोज की जगह किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेलने का मन बना रहा था, लेकिन हरीश रावत खेमा एकदम से सक्रिय हुआ और गणेश गोदियाल समेत सीनियर नेताओं ने मनोज रावत के नाम पर हाईकमान को राजी करवाया। अब मनोज के सामने उपचुनाव में जीत को लेकर खुद को साबित करने की चुनौती है।
केदारनाथ विधानसभा 2022 के परिणाम
- शैलारानी रावत भाजपा 21886
- कुलदीप सिंह रावत निर्दलीय 13423
- मनोज रावत कांग्रेस 12557
उपचुनाव पर एक नजर
- मतदाता 90540
- पुरुष 44765
- महिला 45775 म
- दिव्यांग मतदाता 1092
- सर्विस मतदाता 2949
- बुधवार 20 नवंबर 2024 को मतदान
- शनिवार 23 नवंबर 2024 को मतगणना












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