Joshimath sinking: किसी की जिंदगी भर की मेहनत पर दरारें तो किसी का कारोबार चौपट, ग्राउंड रिपोर्ट
जोशीमठ का हर घर, हर गली, हर सड़क, प्रत्येक व्यक्ति एक दर्द भरी कहानी बयां कर रही हैं। जिस तरह के हालात हैं, उससे अब हर कोई डरा और सहमा हुआ नजर आ रहा है।

उत्तराखंड का जोशीमठ कई दशक पुराना ऐतिहासिक शहर है। लेकिन जो हालात इस समय पैदा हुए हैं, उससे ये लगता है कि शहर अब अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। ऐसे में जो लोग जोशीमठ में सालों से रह रहे हैं और जिनका घर, पालन पोषण सब इसी धरती पर निर्भर है। वो अब कड़ाके की ठंड में सड़कों पर उतरकर अपने भविष्य के लिए चिंता करते हुए भावुक हो रहे हैं।

जोशीमठ का हर घर, प्रत्येक व्यक्ति एक दर्द भरी कहानी बयां कर रही
कुछ लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई यहीं पर छोटा सा घर बनाकर लगाई तो अब दरारें आने के बाद उसी घर को छोड़ना पड़ रहा है तो कुछ लोगों ने रोजगार की तलाश में जोशीमठ में पैसा लगाया लेकिन अब लाखों का नुकसान उठाकर व्यापार चौपट हो गया और अब दूसरी जगह जाने को मजबूर हो गए हैं। जोशीमठ का हर घर, हर गली, हर सड़क, प्रत्येक व्यक्ति एक दर्द भरी कहानी बयां कर रही हैं।

करीब 20-22 सालों से बिजनेस कर रहे
नैन सिंह भंडारी का बचपन जोशीमठ में ही गुजरा। करीब 20-22 सालों से यहां बिजनेस कर रहे हैं। भंडारी बताते हैं कि जोशीमठ में करीब 600 व्यापारी हैं। वे व्यापार मंडल के अध्यक्ष भी हैं। परचून का काम कर वे घर चलाते हैं। लेकिन जब से दरारें आनी शुरू हुई, हर तरफ डर का माहौल है। उनका परिवार वार्ड नंबर 6 में रहता है। वहां भी आसपास दरारें आ गई है।

हर पल खतरे की आहट ही सुनाई दे रही, काम भी चौपट हो गया
रात में मकान में सोने में डर लगता है। न जानें कब क्या हादसा हो जाए। 590 परिवार अब तक चिह्रिनत हो चुके हैं। 38 परिवार प्रभावित होकर शिफ्ट हो गए हैं। दुकानों में काम पूरी तरह ठप हो गया है। छोटे से बाजार में करोड़ों का बिजनेस है। लेकिन जब से दरारें आनी लगी है। तब से हर पल खतरे की आहट ही सुनाई दे रही है। काम भी चौपट हो गया है।
Recommended Video


बात करते करते हर कोई भावुक हो रहा
भंडारी कहते हैं कि समझ नहीं आ रहा कि भविष्य क्या होगा। जोशीमठ पर्यटन का भी केन्द्र है। होटल, होम स्टे सब धीरे-धीरे बंद हो रहे हैं। आचार्य नरेशानंद नौटियाल व्यापार और खेती के जरिए परिवार का पालन पोषण करते आ रहे हैं। जोशीमठ में ही उनकी पीढ़ी ने अपना पूरा कारोबार और परिवार चलाया। वे मां राज राजेश्वरी के पुजारी भी हैं। दो छोटी दुकानें हैं तो काम चल जाता है। लेकिन अब सब धीरे-धीरे प्रभावित हो रही हैं। वार्ड नंबर 6 में मकान है। लगातार दरारों से सब सहमे और डरे हुए हैं। सरकार पर उम्मीदें टिकी हुई हैं। जिस शहर में सालों से सुख दुख देखा और जीना सीखा, उस शहर को बर्बाद होता कैसे देखें। बात करते करते हर कोई भावुक हो रहा है। मानों मां बीमार है और बच्चे इधर उधर भटकने को मजबूर हैं।

करीब 7 से 8 लाख का नुकसान
सोशल मीडिया में जोशीमठ की जिस होटल की सबसे ज्यादा तस्वीर वायरल हो रही है। उनके नाम हैं माउंट व्यू और मलारी। माउंट व्यू होटल के संचालक 32 वर्षीय युवा विकास नौटियाल बताते हैं कि जोशीमठ के हालात अब बहुत ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं। होटल 20 साल से भी ज्यादा पुराना है, वे 5 साल से इस होटल को चला रहे थे। 27 दिसंबर से बुकिंग कैंसिल की गई है। जबकि 15 जनवरी तक की होटल में बुकिंग आई हुई थी। 27 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच करीब 7 से 8 लाख का नुकसान हो गया है। इस बीच प्रशासन ने अग्रिम आदेश तक काम बंद करा दिया है।

घर परिवार इसी रोजगार से पल रहा था, वो सीधे सड़क पर आ गए
इस होटल को दो लोग मिलकर चला रहे थे। 13 लोग होटल में काम कर रहे थे। विकास ने कहा कि हमें तो लाखों का नुकसान हो गया और जिन लोगों का घर परिवार इसी रोजगार से पल रहा था, वो सीधे सड़क पर आ गए हैं। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। विकास कहते हैं कि अब तो समझ नहीं आ रहा कि करना क्या है। किसी से बात करने का मन भी नहीं है। अब सिर्फ भविष्य की चिंता सता रही है।












Click it and Unblock the Notifications