जोशीमठ से एक और टेंशन वाली खबर, औली के रोप-वे में आई दरार, किया गया बंद
जोशीमठ के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, जहां की इमारतों में दरारें बढ़ती जा रहीं। इस बीच औली के रोप-वे में भी दरार देखी गई।

Joshimath Sinking: उत्तराखंड के जोशीमठ में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अब वहां से एक और टेंशन वाली खबर सामने आई है, जहां औली में बने रोप-वे के प्लेटफॉर्म में दरार देखी गई। जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने रोप-वे को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। साथ ही सभी प्लेटफॉर्म और आसपास बनी इमारतों की जांच की जा रही। वहीं दूसरी ओर रोप-वे बंद होने से वहां पहुंचे पर्यटक निराश हैं।
मामले में रोप-वे मैनेजर दिनेश भट्ट ने कहा कि ये दरारें कल (शुक्रवार) से आई हैं और इससे खतरा बना हुआ है। हमने एहतियात के तौर पर रोप-वे बंद किया, जो अगले आदेश तक बंद रहेगा। दूसरी ओर औली के व्यापारी और स्थानीय लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। वहां मौजूद एक शख्स ने बताया कि उनका काम घोड़े और स्कीइंग का है। जब से जोशीमठ में भू-धंसाव की खबर सामने आई है, तब से पर्यटक औली भी नहीं जा रहे। ऐसे में उनका काम पूरी तरह से ठप हो गया है। उनको डर है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे हालात बने रहेंगे।
एक्सपर्ट की टीम ने किया निरीक्षण
वहीं दूसरी ओर जोशीमठ में भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र का पर्यावरण एवं जलवायु वैज्ञानिकों की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वैज्ञानिक डॉ. जेसी कुनियाल ने कहा कि हम पर्यावरण और पारिस्थितिक आंकलन करेंगे। इसके बाद यहां पानी की गुणवत्ता का भी आंकलन होगा। हमारी 4-5 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन घरों में दरारें आई हैं, उनकी स्थिति अच्छी नहीं है। सरकार ने पहले ही उन लोगों का पुनर्वास कर दिया है। हम देख रहे हैं कि क्या भूमि के और धंसने की संभावना है या क्या भूमि को उसकी मूल स्थिति में बहाल किया जा सकता है। यह हमारे लिए चुनौती की बात है। अभी तक प्रशासन ने वहां पर 4000 से ज्यादा घरों का आंकलन किया है।












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