Joshimath Sinking: सीएम धामी के दौरे और जोशीमठ भू-धंसाव प्रकरण से जुड़ी आज की 10 बड़ी बातें
शनिवार को सबसे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। देहरादून पहुंचने पर सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में भू धंसाव की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। अब तक 600 से अधिक परिवारों पर आपदा का असर देखा जा रहा है। केन्द्र, राज्य सरकार से लेकर प्रशासन तक इस मामले में गंभीरता से कदम उठा रहा है। शनिवार को जोशीमठ प्रकरण को लेकर हुए 10 बड़े अपडेट।

1.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया
शनिवार को सबसे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावितों से मिलकर पूरी मदद का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खुद यहां पहुंचे हैं। उन्होंने जोशीमठ में घूमकर सड़कों और घरों जोशीमठ नगर में भूधंसाव की बढ़ती समस्या को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार ने जोशीमठ में एनडीआरएफ दल की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

2. पूरे क्षेत्र में धसाव नहीं: चमोली के ज़िलाधिकारी हिमांशु खुराना
चमोली के ज़िलाधिकारी हिमांशु खुराना ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में धसाव नहीं है। एक हिस्सा है जहां पहले से कुछ दरारें थी। वैज्ञानिक अभी अध्ययन कर रहे हैं कि किस कारण से ऐसा हो रहा है। अधिकांश जोशीमठ में ऐसा नहीं हो रहा है इसलिए हम जोशीमठ में ही लोगों को स्थानांतरित कर रहे हैं।

3.प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी जोशीमठ में भूस्खलन और मकानों में दरार को लेकर आईटीबीपी परिसर में प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।

4.विस्थापित परिवारों को 6 माह के लिए 4000 रुपये प्रति माह किराया देने के निर्देश जारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ में भू-स्खलन से विस्थापित परिवारों को 6 माह के लिए 4000 रुपये प्रति माह की दर से आवास किराया देने के निर्देश जारी किए गए हैं। ये राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि स्वीकृत की गई है।

5.प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आश्रय भवनों में स्थानांतरित करने के आदेश
चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने जोशीमठ के सभी वार्डों में सर्वेक्षण कार्य पूरा करने, प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आश्रय भवनों में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं।

6.सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की और से जोशीमठ प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसमें जोशीमठ में भूमि धंसने की वर्तमान घटनाओं को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को जोशीमठ के निवासियों को पूरी सहायता देने का निर्देश देने की मांग की गई। जोशीमठ के लोगों को अपने जीवन और संपत्ति के लिए खतरे का सामना करने वाले जोशीमठ के लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने के और मरम्मत कार्य में सहायता के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
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7. देहरादून पहुंचने पर आपदा प्रबन्धन केन्द्र में उच्चाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जोशीमठ भू धंसाव क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण एवं पीड़ितो से मुलाकात के बाद वापस देहरादून पहुंचने पर सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जोशीमठ भू धंसाव से पीडित लोगों की मदद एवं राहत एवं बचाव के साथ विकास कार्यो के अनुश्रवण हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासन स्तर पर तथा आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में स्थानीय स्तर पर समन्वय समिति का गठन तत्काल किया जाय। यह समिति क्षेत्र में किये जा रहे सभी कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करेगी ताकि पीडितो की हर सम्भव मदद तथा क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी लायी जा सके।

8. सचिव मुख्यमंत्री और आयुक्त गढवाल मण्डल जोशीमठ में कैम्प करेंगे
सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम और आयुक्त गढवाल मण्डल सुशील कुमार कल से जोशीमठ में कैम्प करेंगे।

9. जिलाधिकारी चमोली को आपदा मद में 11 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी
मुख्यमंत्री ने पीडितों की मदद के लिये आपदा मानको से हट कर भी मदद किये जाने तथा सी.एस.आर के तहत भी राहत की व्यवस्था के निर्देश दिये। उन्होंने आपदा प्रबन्धन के अन्तर्गत कार्यों की स्वीकृति आदि के लिये उच्चाधिकार समिति के गठन की भी बात कही ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी से कार्य हो सके। जोशीमठ को भूस्खलन एवं भूधंसाव क्षेत्र घोषित करने के साथ जिलाधिकारी चमोली का आपदा मद में 11 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है।

10. ये करेंगे विस्तृत सर्वेक्षण एवं अध्ययन कर रिर्पोट तैयार
मुख्यमंत्री के निर्देश पर निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द (एन.आर.एस.सी) हैदराबाद तथा निदेशक भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) से जोशीमठ क्षेत्र का विस्तुत सेटलाइट इमेज के साथ अध्ययन कर फोटोग्राफस के साथ विस्तुत रिर्पोट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही उप महानिदेशक भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान से कोटी फार्म, जड़ी बूटी संस्थान, उद्यान विभाग की जोशीमठ स्थित भूमि एवं पीपलकोटी की सेमलडाला स्थित भूमि की पुनर्वास की उपयुक्कता हेतु भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अपेक्षा की गई है। इसके साथ ही निदेशक आईआईटी रूड़की, निदेशक वाडिया इंस्टियूट आफ हिमालयन ज्योलाजी, निदेशक नेशनल इंस्टीटयूट आफ हाइड्रोलॉजी रूड़की एवं निदेशक सी.एस.आई.आर., सेन्ट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टियूट रूड़की से भी जोशीमठ क्षेत्र का अपने स्तर से विस्तृत सर्वेक्षण एवं अध्ययन कर रिर्पोट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।












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