पूर्व सीएम हरीश रावत के सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड से उड़ी भाजपा की नींद, चुनावी साल में बदलनी होगी रणनीति
उत्तराखंड में पूर्व सीएम हरीश रावत के सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड से उड़ी भाजपा की नींद
देहरादून, 6 नवंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत के सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड ने भाजपा की नींद उड़ा दी है। चुनावी साल में जिस तरह से हरीश रावत भाजपा को टारगेट कर त्यौहारों और भाजपा के बड़े चुनावी कार्यक्रमों के दौरान अपने दांव खेल रहे हैा उससे भाजपा को अपनी रणनीति पर नए सिरे से फोकस करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जिसका असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। पीएम के केदारनाथ दौरे के दौरान हरीश रावत ने शिवालय और गौ शाला में जाकर भाजपा के कार्यक्रम को मिलने वाली कवरेज को भी काफी हद तक अपनी और करने में कामयाब हुए हैं।

हिंदू वोटर पर नजर
उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। यहां साधु संतों और तीर्थ पुरोहितों का अपना वोटबैंक है। भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे पर खुद को हमेशा जोड़ती आ रही है। साथ ही हिंदू वोटर भाजपा का कैडर वोट भी माना जाता है। अयोध्या में राम मंदिर से लेकर केदारनाथ पुर्ननिर्माण पर पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा हाईकमान खास फोकस करता आ रहा है। लेकिन इस बार उत्तराखंड में भाजपा के हिंदुत्व की छवि को कांग्रेस काउंटर करने में जुटी है। इसके लिए पूर्व सीएम हरीश रावत ने मोर्चा खोला हुआ है।
शिवालय में जलाभिषेक, गौ माता को भोग लगाया
सबसे पहले गणेश गोदियाल को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर चुनाव में श्री गणेश का नारा दिया। उसके बाद गणेश गोदियाल को गणेश अवतार में भी लाकर भाजपा को टारगेट किया। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे से पहले खुद हरीश रावत केदारनाथ पहुंच गए। जहां भोले के रंग में रंगे हुए नजर आए। इसके बाद पीएम मोदी के केदारनाथ पहुंचने के साथ ही शिवालयों में पूजा अर्चना और भजन शुरू कर दिए। पूर्व सीएम हरीश रावत हरिद्वार ने शिवमंदिर में पूजा अर्चना की। गोवर्धन पूजा के दौरान गौ शालाओं में जाकर गौ माता को भोग लगाया। साफ है कि हरीश रावत सॉफ्ट हिंदुत्व की छवि को चुनाव में भुनाने की कोशिश में जुट गई है। जो कि भाजपा के लिए बड़ा चेलेज हो सकता है।
पीएम दौरे को लेकर हमला
पीएम नरेंद्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर कांग्रेस जमकर हमलावर है। पीएम मोदी के गर्भगृह में पूजा प्रसारण को लेकर कांग्रेस ने विरोध किया है। कांग्रेस ने पीएम मोदी के कार्यक्रम को हिंदू मान्यताओं के खिलाफ और पूजा के सीधा प्रसारण कर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया है।
हरीश रावत का कहना है कि
मैं, आदरणीय प्रधानमंत्री जी का आदर करता हूंँ। लेकिन मुझे अपने मंदिरों की परंपराओं पर भी अभिमान है। कल मेरे अभिमान को चोट पहुंची है। गर्भगृह से जिस तरीके से पूजा का प्रसारण किया गया, उसने मुझे कल से ही बड़ी उपापोह में डाला है। कल माननीय नरेंद्र मोदी जी ने गर्भगृह से प्रसारण करवाया, लेकिन शिव के सामने तो सारे भक्त बराबर हैं, भविष्य में कैसे किसी से कहा जाएगा कि गर्भगृह में आप कैमरा लेकर नहीं जा सकते! आप मोबाइल लेकर नहीं जा सकते! आप रिकॉर्डिंग नहीं कर सकते! फिर धीरे-धीरे लोग दूसरी परंपराओं व मान्यताओं को भी तोड़ेंगे, तो उत्तराखंड को फैसला करना है कि यह उचित हुआ या अनुचित हुआ! मेरी नजर में ये अनुचित हुआ, मैं अपनी भावना व्यक्त कर चुका हूंँ, बाकी मैं उत्तराखंड को समर्पित कर रहा हूंँ।












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