उत्तराखंड में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष में करने जा रही है नया प्रयोग, इन नामों पर मुहर तय
प्रदेश प्रभारी ने हाईकमान को रिपोर्ट सौंपी, जल्द ऐलान संभव
देहरादून, 9 अप्रैल। उत्तराखंड में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के चयन में इस बार नया प्रयोग करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए एक बार फिर से गणेश गोदियाल का नाम तेजी से उछाला जा रहा है। कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि इसको लेकर हाईकमान भी विचार कर रहा है। गणेश गोदियाल को फिर से प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलने पर नेता प्रतिपक्ष के लिए कुमाऊं से किसी नए चेहरे को कमान सौंपी जा सकती है। ऐसे में यशपाल आर्य का नाम भी रेस में बताया जा रहा है। प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने इन सभी मसलों पर हाईकमान को रिपोर्ट सौंप दी है। ऐसे में जल्द ही नामों का ऐलान हो सकता है।

गणेश गोदियाल को फिर से ताजपोशी करने का दावा
प्रदेश में हार के बाद कांग्रेस हाईकमान नए सिरे से संगठन और अहम पदों पर जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है।
पार्टी समीकरणों को साधने के बाद ही इन पदों पर नामों का ऐलान कर सकती है। हाईकमान को तीन पदों पर तीन चेहरों की तलाश है। इसमें सबसे अहम प्रदेश अध्यक्ष दूसरे नंबर पर नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष का चयन करना है। सभी समीकरणों को साधने के लिए पार्टी उप नेता प्रतिपक्ष का चयन जरुरी करेगी। जिससे सभी समीकरणों को संतुलित किया जा सके। प्रदेश में कांग्रेस के लिए संगठन को फिर से खड़ा करना सबसे बड़ी चुनौती है। गणेश गोदियाल के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को नए मुखिया की तलाश है। जिसके लिए कई नाम चर्चाओं में है। हालांकि कांग्रेसी सूत्र गणेश गोदियाल को फिर से ताजपोशी करने का दावा कर रहे हैं। हाईकमान के सामने सबसे बड़ी समस्या प्रदेश कांग्रेस के अंदर की खेमेबाजी को खत्म करना है। पूर्व सीएम हरीश रावत और प्रीतम सिंह खेमा इस समय पूरी तरह से एक्टिव है। जिससे पार्टी को चुनाव में भी खेमेबाजी का नुकसान झेलना पड़ा। पार्टी के सामने इन दोनों खेमों को खत्म कर नए चेहरे को कुर्सी सौंपने की है। गणेश गोदियाल हरीश रावत के काफी करीबी रहे हैं। लेकिन उनके नाम पर किसी को किसी तरह परेशानी नहीं होगी।
गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र दोनों के समीकरण संतुलित करना चुनौती
इसके साथ ही भाजपा से कांग्रेस में वापसी कर चुके यशपाल आर्य और हरक सिंह रावत के भविष्य को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। दोनों ही हरक सिंह संगठन और यशपाल आर्य विधानसभा के अंदर अपनी भूमिका को लेकर लॉबिंग में लगे हैं। हालांकि कांग्रेसी कार्यकर्ता हाल ही में भाजपा से वापस आए इन नेताओं को अहम जिम्मेदारी देने को पचा पाएगा या नहीं ये कहना जल्दबाजी होगी। भुवन कापड़ी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में हैं। इसके साथ ही प्रकाश जोशी का नाम भी रेस में है। नेता प्रतिपक्ष के लिए प्रीतम सिंह खेमे का दावा है कि प्रीतम सिंह का नाम तय है। इसकी घोषणा होना बाकि है। इसके साथ ही राजेन्द्र भंडारी और हरीश धामी भी दावेदारी कर चुके हैंं। हाईकमान सभी समीकरणों को साधने के लिए एक नेता प्रतिपक्ष के साथ एक उप नेता प्रतिपक्ष का चयन कर सकती है। इसमें भी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र दोनों के समीकरण संतुलित करने के लिए हाईकमान होमवर्क करने के बाद ही नामों का ऐलान करेगा। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष सभी पदों पर एक साथ ही ऐलान किया जाएगा। ऐसे में यशपाल आर्य का नाम भी तेजी से आगे आ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications