कांग्रेस में भगदड़ से टेंशन में हाईकमान, आला नेता दिल्ली तलब
उत्तराखंंड बीजेपी में आए दिन हो रही नेताओं की एंट्री
देहरादून, 14 सितंबर। उत्तराखंड में बीजेपी के कांग्रेसी नेताओं पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद कांग्रेस हाईकमान की मुश्किलें बढ़ गई है। बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व लगातार उत्तराखंड में बीजेपी का कुनबा बढ़ाने में जुटा है जबकि कांग्रेस के अंदर इस समय भगदड़ की स्थिति हो गई है। बीजेपी में अंदरखाने देहरादून जिले के कांग्रेस के एक और बड़े नेता के बीजेपी को ज्वाइन करने की खबरें भी लगातार मीडिया में चल रही हैं। इसके बाद कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के लिए चुनावी साल में कांग्रेस का जनाधार बढ़ाने की चुनौती बढ़ती जा रही है।

हर हाल में सत्ता वापसी पर फोकस
उत्तराखंड में सत्ता में आने के लिए कांग्रेस इस बार किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। कांग्रेस की चुनावी साल में रणनीति भी लगातार बदल रही है। पहले उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में फेरबदल और हरीश रावत को चुनाव अभियान की कमान सौंपना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। इतना ही नहीं पार्टी ने पहली बार 4 कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी समीकरणों की भी साधने की कोशिश की। इसके बाद उत्तराखंड में परिवर्तन यात्रा के जरिए कांग्रेस ने एकजुटता का संदेश भी दिया। लेकिन परिवर्तन यात्रा के पहले चरण के बाद ही कांग्रेस में भगदड़ मची हुई है।
दलबदल में कांग्रेस पिछड़ी
कारण है पहले पुरोला से कांग्रेस विधायक राजकुमार का बीजेपी में जाना। लेकिन अब एक और कांग्रेस नेता के बीजेपी में जाने की अटकलों ने कांग्रेस हाईकमान के लिए टेंशन पैदा कर दी है। कांग्रेस की चिंता का कारण बीजेपी में एक बार में ही दो विधायकों का जाना है। जिनमें एक कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। प्रीतम पंवार यूकेडी के बाद निर्दलीय हो गए थे, लेकिन मंत्री वे कांग्रेस सरकार में ही रहे। दूसरा कांग्रेस का विधायक था। इस तरह से हाईकमान ने पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह को दिल्ली तलब कर दिया। संकेत साफ है कि कांग्रेस का उत्तराखंड का नेतृत्व अब तक चुनावी साल में किसी तरह का कोई बड़ा उलटफेर नहीं कर पाया है, या यूं कहें कि दलबदल के मामले में कांग्रेस फिलहाल बीजेपी से पीछे रह गई है।
कांग्रेस को बदलनी हाेगी रणनीति
ऐसे में कांग्रेस को अपनी रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। दिल्ली दौरे पर जाने से पहले हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि बीजेपी में एक दो नेता जा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस से रोज कई कार्यकर्ता जुड़ रहे हैं। इतना ही नहीं हरीश रावत का दावा है कि 2017 में जो वोटबैंक हिंदुत्व के नाम पर बीजेपी से जुड़ा था, वो बीजेपी से कांग्रेस की तरफ मुड़ रहा है। साफ है कि हरीश रावत का यह संदेश मीडिया के जरिए पार्टी हाईकमान तक पहुंचेगा। जिसके जरिए हरीश रावत कांग्रेस हाईकमान को आश्वस्त करेंगे कि प्रीतम पंवार और राजकुमार का बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। साथ ही हरीश रावत का यह दावा कि कांग्रेस में दूसरे लोगों क विश्वास बढ़ रहा है, और वे पार्टी ज्वाइन कर रहे है। चुनावी साल में दलबदल करवाने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को पार्टी ज्वाइन कराने के पीछे पार्टी ये भी संदेश देना चाहेगी कि उनका जनाधार चुनाव से पहले कितना बढ़ गया है।












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