Hemkund Sahib: पाकिस्तान के कराची से आए श्रद्धालुओं ने टेका मत्था, 65 सदस्यीय दल में ये रहे शामिल
Hemkund Sahib yatra: सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा में पाकिस्तान के कराची से तीर्थयात्रियों का 65 सदस्यीय जत्था मत्था टेकने के लिए पहुंचा। 27 सितंबर को पाकिस्तान के श्रद्धालुओं का यह जत्था बाघा बॉर्डर से होते हुए भारत पहुंचा। बीते सात अक्तूबर को हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने के बाद सभी श्रद्धालु रविवार को गोविंदघाट पहुंचे।

यहां पहुंचकर गुरुद्वारा प्रबंधन ने सभी का स्वागत किया। यात्रा पर आए इस जत्थे में शिक्षक व व्यवसायी शामिल हैं। जिसमें 17 साल से लेकर 60 साल तक के बुजुर्ग शामिल रहे। हेमकुंड साहिब गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि सोमवार को पाक श्रद्धालुओं का जत्था दिल्ली के लिए लौट जाएगा। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से यात्रा को सुगम बनाने में पूरी मदद की गई।
सिखों की आस्था का प्रतीक श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 11 अक्टूबर को बंद कर दिए जाएंगे। जिसके साथ ही श्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर की यात्रा इस साल के लिए बंद हो जाएगी। इस बीच यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 1 लाख 60 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।उत्तराखंड के चारों धाम केदारनाथ ,बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शन के साथ ही हेमकुंड साहिब की यात्रा भी पांचवे धाम के रुप में प्रमुख है।
चमोली जिले में सिखों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब स्थित है। हर साल बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। इस साल हेमकुंड साहिब की यात्रा 20 मई से शुरू हुई थी। हेमकुंड साहिब दुनिया में सिखों का सबसे ऊंचा गुरुद्वारा है। यह 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब को सिखों के 10 वें गुरु गोविन्द सिंह जी को समर्पित किया गया है।
इसी के पास भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण जी का छोटा सा मंदिर भी स्थित है। यह पवित्र तीर्थ स्थल गोविन्द धाम (घांघरिया) से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के कपाट कम समय के लिए खुलते हैं।
बता दें कि हाल ही में साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स में 107 पाक जायरीनों का जत्था भी उत्तराखंड के पिरान कलियर पहुंचा था। उर्स में शामिल होने वाले पाक जायरीनों को वक्फ बोर्ड ने गीता और गंगाजल भेंट कर पाकिस्तान में रह रहे हिंदूओं तक इन सभी उपहार को पहुंचवाया। जो कि बक्फ बोर्ड की बड़ी पहल मानी जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications