Harish rawat जलभराव क्षेत्र में पूर्व सीएम का अनोखा प्रदर्शन, इस तरह जलतप के जरिए किया विरोध दर्ज
हरिद्वार क्षेत्र में जलमग्न हुए रुड़की में पूर्व सीएम हरीश रावत ने जलभराव की समस्या काफी समय तक दूर नहीं हुई तो पानी में ही बैठकर आंदोलन शुरू कर दिया। हरीश रावत ने अपने इस अनोखे आंदोलन को जपतप नाम दिया।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत अपने अनोखे अंदाज के लिए हर बार खबरो में बने रहते हैं। कभी सड़क पर बैठकर अनशन तो कभी मौन उपवास। कभी लोगों के बीच में पहुंचकर पूरी तलना तो कभी रात में सड़क पर धरना देने के बाद सुबह वहीं पर व्यायाम और हैंडपंप पर नहाते हुए वीडियो वायरल हो जाना। हरीश रावत अपने अलग अंदाज की वजह से लोगों के बीच अपनी जगह बनाते हैं। इस बार हरीश रावत ने विरोध का एक अनोखा तरीका ढूंढा।

हरिद्वार क्षेत्र में जलमग्न हुए रुड़की में पूर्व सीएम हरीश रावत ने पहले ट्रैक्टर और बाइक से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया इसके बाद जब जलभराव की समस्या काफी समय तक दूर नहीं हुई तो हरीश रावत ने पानी में ही बैठकर आंदोलन शुरू कर दिया। हरीश रावत ने अपने इस अनोखे आंदोलन को जपतप नाम दिया। उनके समर्थन में कई कार्यकर्ता वहीं पर बैठकर विरोध करने लगे और क्षेत्र से पानी को हटाने के लिए पंप की मांग करने लगे। बाद में हरिद्वार के एडीएम, एसपी देहात के मौेके पर पहुंचने और पानी को हटाने के लिए पंप का इस्तेमाल करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद हरीश रावत ने अपना जलतप स्थगित किया।
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हरीश रावत ने करीब 3 से 4 घंटे तक पानी में रहकर ही जलतप कर विरोध दर्ज किया। हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी सार्वजनिक की थी कि वे जब सुबह रुड़की के सिविल लाइन गली नंबर 3 और दूसरी गलियों में गए तो घुटनों-घुटनों से ऊपर तक जल भरा हुआ है, वर्षा को थमे हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं, पानी की निकासी की सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वे पहले ही चेता चुके थे कि पानी की निकासी का समुचित प्रबंधन शाम तक नहीं किया, तो जल तप प्रारंभ करूंगा। लेकिन जब शाम तक पानी नहीं हटा तो 3 घंटे तक जलतप किया।












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