Harish rawat के सोशल मीडिया पोस्ट से मचा सियासी बवंडर, क्या 2027 से पहले कांग्रेस चलने जा रही सबसे बड़ा दांव
Harish rawat उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा, कांग्रेस में अभी से सियासी तलवारें खिंचनी शुरू हो गई है। खास बात ये है कि इस बार कांग्रेस पहले से ज्यादा मुखर नजर आ रही है। हरक सिंह पहले से ही भाजपा पर हमलवार हैं। हरक सिंह भाजपा को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं।
इसके अलावा हरक ने नया जोश दिखाते हुए दिग्गजों के बीच ऐलान कर दिया कि माला नहीं पहनूंगा, जब तक भाजपा को सत्ता से दूर नहीं कर दूंगा। हरक के इस बयान के बाद अब हरीश रावत हरक सिंह के साथ खुलकर आ गए हैं। इतना ही नहीं हरक से दूरी बनाकर चलने वाले हरीश रावत ने अब हरक को समर्थन भी कर दिया है।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि डॉ. हरक अब कांग्रेस के एक नेता हैं। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में एक बार फिर कांग्रेस गोत्र के नेताओं पर तंज कसने के साथ नया सियासी दांव भी चला है। हरीश रावत ने लिखा है कि
प्रायश्चित करने का सभी को हक है। ऐसे उज्याडू बल्द को भी जिसे कांग्रेस ने उत्तराखंड से अपनवाया, मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचाया और जिस व्यक्ति ने अपने महान पिता के सामाजिक सद्भाव व धर्मनिरपेक्षता के महानतम सिद्धांतों को चौराहे पर आग लगा दी और कांग्रेस पार्टी की पीठ पर छूरा भौंककर भाजपा की गोद में बैठ गये। धर्म पद के लिए धर्मगुरु की पहचान को तिलांजलि देने वालों को भी प्रायश्चित का हक है।
हरदा ने उज्याडू बल्द शब्द का प्रयोग 2016 में उनकी कांग्रेस सरकार को तोड़ने और भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के लिए प्रयोग किया था। इसमें हरदा ने पूर्व सीएम विजय बहुगुणा और सतपाल महाराज का बिना नाम लिए जिक्र किया है। साफ है कि हरदा ने दोनों नेताओं को प्रायश्चित की बात करते हुए बड़ा दांव चल दिया है।
सभी का स्वागत है, यहां तक कि उज्याडू बल्दों और बकरी का भी
इसके साथ ही हरीश रावत ने हरक सिंह के बयानों को भी जिक्र करते हुए लिखा है कि हरक सिंह ने भाजपा के रहस्यों को उजागर किया है, और उम्मीद जताई कि हरक कितने और रहस्य सामने लाते हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हरीश रावत ने लिखा है कि वे भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए काम कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी का स्वागत है, यहां तक कि और उज्याडू बल्दों और बकरी का भी स्वागत है, उन्हें भी अपने दल-बदल के पाप का प्रायश्चित करने का हक है।
घर वापसी का न्यौता
हरीश रावत के इस सोशल मीडिया पोस्ट के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। साफ है कि हरदा 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कांग्रेस छोड़कर दूसरे दलों में गए नेताओं को पार्टी में आने या घर वापसी का न्यौता दे रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस में कौन से नेता घर वापसी के इस न्यौते को स्वीकार करते हैं। उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत का कहना है कि पूर्व सीएम हरीश रावत ने संकेत दे दिए हैं कि 2027 से पहले कांग्रेस का घर मजबूत किया जाएगा। इसके लिए हरक सिंह को पुराने कांग्रेसियों को घर वापसी की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।












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