Harish rawat ने संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कह दी बड़ी बात, नौजवानों की इस हरकत को लेकर किए ये सवाल
Harish Rawat संसद की लोकसभा में सुरक्षा में हुई चूक को लेकर देशभर में जमकर सियासत भी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत ने इस तरह का काम करने वाले लोगों को सुरक्षा और संसद की सुरक्षा के अपराधी बताते हुए कहा कि उनके कृत्य की तुलना भगत सिंह से करना पूर्णतः अनुचित है। हरदा ने इस मामले में भाजपा को भी जमकर घेरा है। साथ ही युवाओं के इस तरह के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा है कि लोकसभा में कूदने वाले, स्मोक बम फोड़ने वाले, देश की सुरक्षा और संसद की सुरक्षा के अपराधी हैं, उनके कृत्य की तुलना भगत सिंह से करना पूर्णतः अनुचित है। हरदा ने कहा कि भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए सर पर कफन बांध कर फांसी पर चड़े, किसी और व्यक्ति की तुलना भगत सिंह से नहीं की जा सकती है। भगत सिंह शहीद-ए-आज़म हैं और सारे मामले का एक ही तर्कसंगत जवाब है कि प्रधानमंत्री को तत्काल लोकसभा में आना चाहिए था और संसद व देश को देश की सुरक्षा के लिए आश्वस्त करना चाहिए था।
हरीश रावत ने इस मामले पर भाजपा को जमकर घेरा और कहा कि भाजपा अब सफाई में कुछ भी कहे लेकिन संसद व भारत की सुरक्षा की यह चूक उनकी सांसद की ग़लती से हुई है। अब उस चूक को छुपाने के लिए भारतीय जनता पार्टी कभी टीएमसी कनेक्शन निकाल रही है किसी का, कभी इंडिया गठबंधन पर सवाल उठा रही है और कभी लोगों द्वारा व्यक्त की गई प्रतिक्रिया को लेकर के उसको एक मुद्दा बनाकर के भगत सिंह जी के मान और अपमान से जोड़ा जा रहा है।
हरीश रावत ने कहा कि ऐसे समय पर जब संसद पर आतंकी हमले की बरसी थी और कुछ पूर्णतः गैर जिम्मेदार नौजवानों ने संसद की पूरी सुरक्षा को देखकर लोकसभा में छलांग लगा दी। स्मोक बम के माध्यम से आतंक की स्थिति पैदा की। यह राष्ट्रीय सुरक्षा में गंभीर चूक है। लेकिन हमारे अपने नौजवान दिशा भ्रमित होकर कुछ ऐसे कदम उठा रहे हैं, यह चिंता का विषय है।
हरीश रावत ने मांग की कि हमें जहां संसद की फुल प्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, वहां इस तथ्य को भी ध्यान में रखना चाहिए कि आखिर ये नौजवान लड़के-लड़कियां क्यों इस सीमा तक निराश हो गये कि इन्होंने इतना खतरनाक रास्ता चुना और वह भी 13 दिसंबर का। हरदा का कहना है कि इन्होंने जो कुछ कहा है और क्यों ऐसी स्थिति तक ये नौजवान पहुंचे इस पर पक्ष और विपक्ष, दोनों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।












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