लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले हरीश रावत हुए सक्रिय, यहां संभाली चुनावी कमान,जानिए इसके सियासी मायने
उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत एक बार लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से पहले सक्रिय नजर आ रहे हैं।
हरीश रावत पंजाब में प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं। इससे पूर्व हरीश रावत हरियाणा और दिल्ली में भी प्रचार करते हुए नजर आए थे।

हरीश रावत पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हरीश रावत ने उत्तराखंड में हरिद्वार से बेटे वीरेंद्र रावत के चुनाव अभियान की कमान संभाली। पूरे चुनाव में हरीश रावत ने हरिद्वार में जमकर प्रचार किया। इस दौरान हरीश रावत उत्तराखंड की अन्य चार सीटों पर भी प्रचार करने नहीं गए।
उत्तराखंड में पहले चरण में मतदान होने के बाद हरीश रावत ने बीते दिनों 6वें चरण से पहले हरियाणा के सोनीपत में सतपाल ब्रह्मचारी के समर्थन में प्रचार शुरू किया। सतपाल ब्रह्मचारी के लिए प्रचार करने के पीछे हरीश रावत की खास वजह सामने आई थी। माना गया कि सतपाल ब्रह्मचारी हरिद्वार के बड़े नेताओं में शामिल रहे हैं। जिनका हरिद्वार में काफी प्रभाव रहा है।
इसके बाद वे दिल्ली में भी नजर आए। अब पंजाब में प्रचार कर रहे हैं। पंजाब में हरीश रावत आनंदपुर साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंदर के समर्थन में चुनावी सभा से शुरूआत कर चुके हैं। इसके बाद चंडीगढ़ लोकसभा से कांग्रेस गंठबंधन के प्रत्याशी मनीष तिवारी के लिए सेक्टर 40 चंडीगढ़ में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
इस बीच हरीश रावत अपने चित परिचित अंदाज में पंजाब के खरार विधानसभा में कुमाऊं सभा द्वारा आयोजित भागवत कथा में सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के लोगों से हरीश रावत ने मुलाकात की। हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए खुद के स्वास्थ्य सही न होने के कारण प्रचार से दूरी बनाने की बात की थी।
लेकिन अब चुनाव निपटने से पहले एक बार फिर चुनावी मैदान में कूदे हैं। हरीश रावत सोशल मीडिया के जरिए लगातार सरकार पर भी हमलावर हैं। इसके साथ ही वे फिर से राज्य सरकार के खिलाफ मौन प्रदर्शन और विरोध करने का ऐलान भी कर चुके हैं। साफ है कि लोकसभा चुनाव निपटते ही हरीश रावत फिर से पुराने अंदाज में नजर आ सकते हैं।












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