Uttarakhand हरिद्वार के कप्तान ने कुर्सी संभालते ही पेश की मिसाल, लापरवाही बरतने पर कर्मियों को दी अनोखी सजा
रूड़की अंत्येष्टि के बाद गुमशुदगी दर्ज करने का प्रकरण
उत्तराखंड के हरिद्वार में नए कप्तान ने कुर्सी संभालते ही अपनी कार्यशैली से एक नई मिसाल पेश की है। हरिद्वार के नए एसएसपी अजय सिंह ने रूड़की में अंत्येष्टि के बाद गुमशुदगी दर्ज करने के चर्चित मामले में एक दरोगा और दो सिपाहियों को अनोखी सजा दी है। तीनों को हरिद्वार के खड़खड़ी, सती घाट और चंडी घाट के श्मशान में दो दिन तक अंत्येष्टि में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक 50 वर्षीय हरीश चांदना 20 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिवार को सुसाइड नोट मिला था। परिजनों ने सुसाइड नोट और उनके लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। उसी दिन शाम को रहीमपुर फाटक के पास पुलिस को एक शव मिला। लापता हरीश चांदना की पत्नी परमजीत कौर 21 अक्तूबर को पति की फोटो लेकर फिर कोतवाली गई। लेकिन पुलिस ने उनके लापता पति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने 23 अक्तूबर को चांदना की अंत्येष्टि कर दी। बाद में 26 अक्तबूर को पुलिस ने हरीश चांदना की गुमशुदगी दर्ज कर दी। परमजीत कौर 29 अक्तूबर को एक शव की पहचान करने के लिए परमजीत कौर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। वहां तैनात कर्मचारी ने फोटो देखकर बताया कि उनके पति का पोस्टमार्टम के बाद लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
घाटों पर शवों की अंत्येष्टि में सहयोग करेंगे
इस पूरे प्रकरण पर एसएसपी अजय सिंह ने संज्ञान लेते हुए एसपी देहात स्वन किशोर सिंह को जांच सौंपी थी। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शव की पहचान नहीं कराने और अंतिम संस्कार के बाद गुमशुदगी दर्ज करना और उसके बाद शव की शिनाख्त होना गंभीर मामला है। यह घोर लापरवाही है। एसएसपी ने बताया कि गंगनहर कोतवाली के उपनिरीक्षक नवीन सिंह, कांस्टेबल चेतन सिंह और संतोष सोमवार और मंगलवार खड़खड़ी,सती घाट, चंडी घाट श्मशान घाटों पर आठ घंटे की ड्यूटी करेंगे। इस दौरान यहां अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों की अंत्येष्टि में सहयोग करेंगे। अजय सिंह ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर मानसिक,भावनात्मक,सामाजिक दण्ड दिया गया ताकि हरीश चांदना प्रकरण में बरती गई लापरवाही का कर्मियों को पश्चाताप हो व अपनी दिन-रात की नौकरी के बीच सामाजिक व्यवस्थाओं एवं उनमें अंतर्निहित भावनाओं को कर्मचारीगण समझें व भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृति न हो।
महिला कर्मियों को व्हाट्सएप के माध्यम से शक्ति वाहिनी ग्रुप से जोड़ा
हरिद्वार पुलिस के कप्तान की नई पहल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने कुछ दिन पूर्व हुए मासिक सम्मेलन में कर्मचारीगणों द्वारा भरे सम्मेलन में कई अधिकारियों के सामने अपनी समस्या न बता पाने को गंभीरता से लेते हुए अजय सिंह ने एक नई व्यवस्था बनाई है। अजय सिंह ने इसके लिए शहर और देहात में अलग-अलग शक्ति वाहिनी गठित की गई है। जिसमें प्रत्येक में सब इंस्पेक्टर स्तर की पुलिस अधिकारी द्वारा महिला कर्मियों की समस्याओं को सुन,समझ कर अपनी टिप्पणी सहित कप्तान को भेजेंगे। सिटी एवं देहात क्षेत्र की महिला हेल्पलाइन इंचार्ज को इनका प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही सभी महिला कर्मियों को व्हाट्सएप के माध्यम से शक्ति वाहिनी ग्रुप से जोड़ा जा चुका है।












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