हरिद्वार लोकसभा सीट: धर्मसंकट में फंसी भाजपा, कांग्रेस, कहां फंसा प्रत्याशियों के चयन का मामला

उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से हरिद्वार एक ऐसी सीट है, जिस पर भाजपा, कांग्रेस कोई भी अब तक प्रत्याशी का चयन नहीं कर पाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों सियासी दल किसी धर्मसंकट में पड़ती हुई नजर आ रही है।

Haridwar Lok Sabha seat BJP Congress stuck religious crisis where matter selection candidates stuck

सबसे पहले बात भाजपा की। भाजपा ने यहां से सिटिंग एमपी डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का टिकट होल्ड कर दिया। माना जा रहा है कि निशंक का टिकट कटना तय है। इस सीट पर भाजपा दूसरे विकल्प पर विचार कर रही है। जिसमें पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।

त्रिवेंद्र सिंह रावत की कई दिनों से इस सीट पर सक्रियता बढ़ी भी है। इसके अलावा माना जा रहा है कि भाजपा हरिद्वार से संत समाज को भी साथ लेकर चलना चाहती है। संत समाज भी अपना प्रतिनिधित्व चाहते हैं। स्वामी यतीश्वरानंद भी दावेदारी कर चुके हैं।

भाजपा एक से दो दिनों में यहां से प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। कांग्रेस के लिए हरिद्वार सीट पर पिता पुत्र की दावेदारी सबसे बड़ा धर्मसंकट है। पूर्व सीएम हरीश रावत हरिद्वार सीट से काफी लंबे समय से दावेदारी कर रहे हैं। हालांकि कुछ दिन पहले हरीश रावत ने ​एक इंटरव्यू में चुनाव न लड़ने की इच्छा जताकर कुछ को दावेदारी से अलग कर दिया।

इसके बाद हरीश रावत ने अपने बेटे वीरेंद्र रावत के लिए टिकट की मांग कर दी। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी हरिद्वार से टिकट मांग रहे हैं। ऐसे में हाईकमान के सामने हरिद्वार से प्रत्याशी का चयन करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इस बीच निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार की भी कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ मुलाकात की एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिससे उमेश कुमार की कांग्रेस से चुनाव लड़ने की संभावना जोर पकड़ रही है।

एक नजर हरिद्वार लोकसभा सीट पर

  • हरिद्वार सीट 1977 में अस्तित्व में आई
  • 1977 से 2019 तक 6 बार भाजपा और 4 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की
  • 1977 से 2009 तक यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित (रिजर्व) रही
  • 2009 में इस सीट को सामान्य घोषित किया गया
  • 1977 में भारतीय लोक दल के प्रत्याशी भगवानदास राठौड़ जीते
  • 1980 में लोक दल (सेक्युलर) के जगपाल सिंह चुनाव जीते
  • 1984 में कांग्रेस के सुंदर लाल ने जीत दर्ज की
  • 1987 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के राम सिंह सांसद चुने गए
  • 1989 में कांग्रेस के जगपाल सिंह सांसद चुने गए
  • 1991 भाजपा के राम सिंह सांसद बने
  • 1991 से लेकर 1999 तक लगातार 4 बार भाजपा जीती
  • 1996,1998 और 1999 में हरपाल सिंह साथी एमपी बने
  • 2004 में समाजवादी पार्टी के राजेंद्र कुमार बादी जीते
  • 2009 में कांग्रेस के हरीश रावत सांसद बने
  • 2014, 2019 भाजपा के डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सांसद चुने गए
  • हरिद्वार लोकसभा सीट प्रदेश की सबसे बड़ी सीट है
  • 2019 के चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार सीट पर करीब 18 लाख मतदाता
  • पुरुष मतदाताओं की संख्या 8 लाख 88 हजार 328, महिला वोटर्स की संख्या 7 लाख 54 हजार 545
  • 2011 की जनगणना के मुताबिक आबादी 24 लाख 5 हजार 753
  • लगभग 60 फीसदी आबादी गांवों में जबकि 40 फीसदी जनसंख्या शहरों में
  • अनुसूचित जाति की संख्या 19.23 फीसदी है.
  • मुस्लिम वोटरों का काफी दबदबा

हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र 14 विधान सभा सीटें
हरिद्वार की 11 और देहरादून की 3 विधानसभा सीट शामिल
14 विधान सभा सीटें हरिद्वार (नगर), मंगलौर, लक्सर, भेल रानीपुर, रुड़की, खानपुर, झाबरेड़ा (एससी), हरिद्वार ग्रामीण, पिरान कलियर, भगवानपुर (एससी), ज्वालापुर (एससी) ऋषिकेश, डोईवाला और धर्मपुर सीट शामिल है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+