मनसा देवी के पहाड़ में भूस्खलन, विशेषज्ञों की टीम ने लिया जायजा, जानिए हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के बारे में
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर का पहाड़ भूस्खलन की जद में है। जिससे पहाड़ से गुजर रहे हिलबाईपास की सड़क पर भी दरारे हैं। हालांकि दावा है कि अभी मनसा देवी मंदिर और आबादी वाले क्षेत्र को कोई बड़ा खतरा नहीं है।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर का पहाड़ भूस्खलन की जद में है। जिससे पहाड़ से गुजर रहे हिलबाईपास की सड़क पर भी दरारे हैं। हालांकि दावा है कि अभी मनसा देवी मंदिर और आबादी वाले क्षेत्र को कोई बड़ा खतरा नहीं है। लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए विशेषज्ञों की एक टीम ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटा ली है।

जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र के निदेशक शान्तनू सरकार के निर्देशन में विशेषज्ञ डा. रोहित कुमार, भूवैज्ञानिक डा. टन्ड्रिला सरकार की टीम ने वर्षा के बीच भूस्खलन वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि भूस्खलन से मां मनसा देवी मंदिर व आसपास के क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है।
व्यू प्वाइंट पहुंचने के बाद टीम को काफी भूस्खलन नजर आया। अधिकारियों ने हनुमान मन्दिर के पास व अन्य तीन-चार बैंड पर हुए भूस्खलन और उसे रोकने के लिए तात्कालिक उपायों की जानकारी दी। इसके बाद अपर रोड स्थित भूरे की खोल व विष्णु मार्केट में बार-बार मलबा आने के कारणों की पड़ताल करते हुए स्थलीय निरीक्षण किया। विशेषज्ञ टीम ने रेलव ट्रैक, पैदल मार्ग में जहां-जहां धंसाव हो रहा था, उसके आस पास का जायजा भी लिया। मीडिया से बातचीत में बताया कि भूस्खलन से मनसा देवी मन्दिर और आस-पास के क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है।
बताया गया कि मनसा देवी पहाड़ी व आसपास के क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि बीते दिनों भारी बारिश के कारण हरिद्वार स्थित मनसा देवी पहाड़ी पर खतरा मंडराने लगा थी। जिसके बाद शासन द्वारा गठित भू-वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम हरिद्वार पहुंची और जिले के आला अधिकारियों के साथ वैज्ञानिकों ने मनसा पहाड़ी का का निरीक्षण किया।
बताया गया कि मनसा देवी पहाड़ी चिकनी मिट्टी के पत्थरों से बनी हुई है जो पानी में जल्दी घुलने लगती है। यही वजह है कि हल्की सी बारिश में भी मनसा देवी पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि मनसा देवी मंदिर ठोस चट्टान पर स्थित है।
बारिश में मनसा देवी पहाड़ी से भूस्खलन हुआ है, जिससे आबादी क्षेत्र खतरे की जद में आ गए। इन इलाकों में नए मकानों के निर्माण से भी खतरा बढ़ा है, साथ ही मनसा देवी पहाड़ी के नीचे से गुजर रही रेलवे की दो सुरंगे भी खतरे की जद में है।
मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार में शहर से तीन किमी की दूरी पर है। बिल्व पर्वत के ऊपर मानसा देवी मंदिर है। हरिद्वार के पश्चिमी ओर स्थित बिल्व पर्वत पर यह मनसा देवी मंदिर स्थित है। यहां पर भी पैदल मार्ग से 3 किमी चढ़ते हुए पहुंच सकते हैं अथवा रोपवे की सुविधा ले सकते हैं।
मनसा देवी सौम्य देवी हैं जो भक्तों की इच्छा पूर्ण करती हैं। ऐसी मान्यता है कि उनका जन्म भगवान शिव के मस्तक से हुआ था। इसीलिए उन्हे भगवान शिव की मानस पुत्री भी कहा जाता है। माना जाता है कि यहां भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। मंदिर परिसर में तीन मंदिर है, साथ ही एक एक वृक्ष पर सूत्र बांधा जाता है, जो कि मनसा पूरा होने पर सूत्र निकालना आवश्यक है।












Click it and Unblock the Notifications