हरक सिंह रावत हरिद्वार से करेंगे नई पारी का आगाज, पूर्व सीएम हरीश रावत की बढ़ सकती है मुश्किलें
हरक सिंह ने हरिद्वार से लोकसभा चुनाव लड़ने की जताई इच्छा
देहरादून, 13 जुलाई। हरक सिंह रावत के सक्रिय होने से उत्तराखंड में कांग्रेस और पूर्व सीएम हरीश रावत दोनों की टेंशन बढ़ने जा रही है। हरक सिंह ने हरिद्वार से इसका शंखनाद कर दिया है। हरक सिंह अब लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसके लिए हरक सिंह ने हरिद्वार सीट को पहला विकल्प दिया है। ऐसे में हरिद्वार से चुनाव का ऐलान करने वाले हरक सिंह अब आने वाले समय में हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं।

हरिद्वार पहुंचे हरक, प्रीतम और कापड़ी
एक दिन पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह खेमा हरक सिंह को सक्रिय राजनीति में लाने उनके आवास पहुंचे तो अगले ही दिन हरक सिंह ने अपना राजनीति का प्लान बी बता दिया। मंगलवार को हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और उपनेता सदन भुवन कापड़ी भूपतवाला स्थित जयराम आश्रम पहुंचे। हरक सिंह ने यहां भी मीडिया से बातचीत में हरीश रावत पर निशाना साधा। हरक सिंह रावत ने कहा कि हरीश रावत को बड़ा दिल दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा यदि पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर देगी तो वह जरूर चुनाव लड़ेंगे। इसलिए हरीश रावत को भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए। हरक सिंह ने हार के लिए इशारों में एक बार फिर हरीश रावत को ही जिम्मेदार ठहराया है।
उत्तराखंड की राजनीति का केन्द्र रहा है हरिद्वार
हरिद्वार उत्तराखंड की राजनीति का सबसे अहम पड़ाव माना जाता रहा है। हरिद्वार सीट पर समीकरण हमेशा से ही अलग रहे हैं। इस सीट पर पूर्व सीएम हरीश रावत भी सांसद रह चुके हैं। वर्तमान मेंं पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक यहां से सांसद हैं। हरिद्वार सीट हमेशा से ही हरीश रावत की भी पसंदीदा सीट मानी जाती है। हरीश रावत ने सीएम रहते विधायक के लिए भी हरिद्वार ग्रामीण सीट चुनी थी। हालांकि वे चुनाव हार गए। लेकिन इस बार उनकी बेटी अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण से विधायक हैं। ऐसे में हरक सिंह रावत का हरिद्वार सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताना कहीं न कहीं हरीश रावत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। कांग्रेस के लिए अब अगला मिशन 2024 लोकसभा चुनाव काफी अहम होगा। जो पूरे देश में कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए सबसे बड़ा चुनाव होगा। ऐसे में उत्तराखंड की पांचों सीट पर कांग्रेस सबसे दमदार प्रत्याशी उतारने की रणनीति पर काम करेेगी। हरक सिंह रावत पहली बार विधानसभा से बाहर हैं तो वे केन्द्र की राजनीति में रहने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके संकेत वे पहले भी दे चुके हैं। ऐसे में हरिद्वार सीट में टिकट की लड़ाई आने वाले समय में दिलचस्प हो सकती है।
कांग्रेस के अंदर बदल रहे समीकरण
जिस तरह से प्रीतम सिंह और हरक सिंह एकजुट होकर रणनीति बना रहे हैं। उससे साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर गुटबाजी तेज होने जा रही है। एक तरफ प्रीतम सिंह और हरक सिंह तो दूसरे तरफ हरीश रावत खेमा नजर आएगा। लेकिन अब सवाल ये है कि प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का साथ किसको मिलता है, इसका सबको इंतजार रहेगा। करन माहरा हरीश रावत के करीबी रिश्तेदार हैं, साथ ही जब से करन माहरा प्रदेश अध्यक्ष बनें हैं हमेशा हरीश रावत पार्टी कार्यक्रम में बड़ चड़कर हिस्सा लेते हैं। यशपाल आर्य के लिए हालांकि आने वाला समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आने वाला समय कांग्रेस के लिए नए समीकरण ला सकता है।












Click it and Unblock the Notifications