Harak singh rawat मुंबई में मंच पर गढ़वाली गाने में जमकर किया डांस,अचानक अवतरित हो गया देवता! और फिर...VIDEO
उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत का एक वीडियो फिर से सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में हरक सिंह रावत एक बार फिर मंच पर जमकर थिरकते नजर आए। इस बीच हरक सिंह देवीय शक्ति की तरह मंच पर लोगों को आशीर्वाद देने लगे।
वीडियो मुंबई के कौथिग मेले का बताया जा रहा है, जिसमें हरक सिंह के साथ भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मंच पर नजर आए। गढ़वाली गीतों पर हरक सिंह रावत जमकर थिरके, इसके बाद हरक सिंह तेजी से नाचते दिखे। दावा है कि हरक सिंह पर देवता अवतरित हुआ।

पहाड़ों में जब किसी व्यक्ति पर देवता अवतरित होते हैं तो व्यक्ति को ईश्वरीय शक्ति आने का दावा होता है। हरक सिंह पर इस तरह की शक्ति कई बार आने का दावा होता आ रहा है। कई बार सार्वजनिक मंचों पर हरक सिंह इस तरह डांस करते देवता अवतरित होने की बात सामने आती रही है। जिसके वीडियो सामने आते रहे हैं। एक बार फिर मुंबई कौथिग में हरक सिंह पर देवता अवतरित होने की बात सामने आई है। जिसके वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं।
उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत मंच पर जमकर थिरकते नजर आए। इस बीच हरक सिंह देवीय शक्ति की तरह मंच पर लोगों को आशीर्वाद देने लगे। वीडियो मुंबई के कौथिग मेले का बताया जा रहा है। pic.twitter.com/xpGYM1nnzb
— pavan nautiyal (@pavannautiyal) February 10, 2025
कौन हैं हरक सिंह रावत
हरक सिंह रावत उत्तराखंड राजनीति के बड़े चेहरे हैं। जो कि अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। करीब 40 साल की राजनीति में पांच बार सियासी दलों को बदल चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी से हुई थी। हरक सिंह ने वर्ष 1984 में पहली बार पौड़ी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। वर्ष 1991 में पार्टी ने उन्हें दोबारा इस सीट पर मौका दिया और वह चुनाव जीतने में सफल रहे।
तब उन्हें उत्तर प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया। वर्ष 1993 में वह फिर से पौड़ी सीट से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। वर्ष 1998 में भाजपा ने उनका टिकट काटा तो हरक बसपा में शामिल हो गए। बाद में हरक कांग्रेस में पहुंच गए। वर्ष 2002 में वह कांग्रेस के टिकट पर लैंसडौन सीट से चुनाव जीते। तब एनडी तिवारी सरकार में उन्हें मंत्री पद मिला।
वर्ष 2007 में उन्होंने एक बार फिर लैंसडौन सीट से जीत दर्ज की और उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वर्ष 2012 के चुनाव में हरक ने सीट बदलते हुए रुद्रप्रयाग से चुनाव लड़ा और फिर से विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2016 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद हरक सिंह कांग्रेस के नौ अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें कोटद्वार सीट से मौका दिया और वह विधानसभा में पहुंचे। तब भाजपा सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 16 जनवरी 2022 को भाजपा ने हरक को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। 21 जनवरी को वह कांग्रेस में शामिल हो गए। इन दिनों हरक ईडी की कार्रवाई से चर्चा में हैं।












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