38वें राष्ट्रीय खेलों में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर जारी हुए दिशा निर्देश, जानिए क्या है खास तैयारी
38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर उत्तराखंड में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों की निजता का प्राथमिकता पर रखने को लेकर उत्तराखंड ओलंपिक संघ गंभीर हो गया है। इसके लिए उत्तराखंड ओलंपिक संघ ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत प्रत्येक प्रशिक्षण शिविर और खेल आयोजन के दौरान एक महिला कोच अनिवार्य तौर पर शामिल करने का निर्देश है। हरिद्वार में हुई घटना के बाद से खेल विभाग समेत सभी एसोसिएशन इसको लेकर ज्यादा संजीदा नजर आ रहे हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

साथ ही महिला खिलाड़ियों की निजता का प्राथमिकता पर रखने और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए एक गोपनीय शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने को कहा गया है। राष्ट्रीय खेलों में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, निजता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए खेल शिविरों के आयोजन से पूर्व दिशा-निर्देश जारी हुए हैं।
उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेल, 2025 में स्वयंसेवक कार्यक्रम के आधिकारिक पंजीयन प्रक्रिया के अवधि में 30 हजार से ज्यादा पंजीकरणों के साथ समाप्त होगा। पंजीकरण अवधि 9 नवंबर, 2024 को प्रारम्भ किया गया था जिसे 8 जनवरी, 2025 शाम 05 बजे समाप्त किया जाएगा। राज्य भर से आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल से आवेदकों की संख्या में सर्वोच्च रही।
दिशा-निर्देश
- महिला खिलाड़ियों की भागीदारी वाले सभी प्रशिक्षण शिविरों में कम से कम एक योग्य और अनुभवी महिला कोच शामिल होनी चाहिए।
- महिला एथलीटों के लिए सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखकर उचित आवास व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- पर्याप्त महिला सहायक स्टाफ की तैनाती की जाए।
- महिलाओं के प्रति सम्मानजनक आचरण को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से संवेदीकरण और जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएं।
- महिला खिलाड़ियों द्वारा उठाई गई किसी समस्या के तुरंत समाधान के लिए समर्पित और गोपनीय निवारण तंत्र स्थापित किया जाए।
- महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सभी कानूनी प्रावधानों और संगठनात्मक नीतियों का कड़ाई से पालन किया जाए।












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