स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध में उतरे पूर्व सीएम हरीश रावत, UPCL विभाग उठाने जा रहा ये कदम
उत्तराखंड में बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उधम सिंह नगर के किच्छा में बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने गए कर्मचारियों को विधायक तिलक राज बेहड़ के विरोध का सामना करना पड़ा।
विधायक बेहड़ ने न सिर्फ कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई बल्कि, स्मार्ट प्रीपेड मीटर को जमीन में पटक कर तोड़ दिया। उन्होंने ऐलान किया है कि जहां मीटरों का विरोध होगा, वहां तिलक राज स्थानीय लोगों के साथ खड़ा होगा। अब तिलक राज बेहड की पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रशंसा करते नजर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर उत्तराखंड में किसी भी रूप में मुफीद नहीं है । इसकी आड़ में बिजली की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यही तेवर विपक्ष को सत्ता में लाते हैं। प्रीपेड मीटर उत्तराखंड की जनता का बोझ बढ़ायेगा और शोषण करेगा। जेल जाओगे तो मुझे भी याद करना। मैं भी तीर्थ यात्रा करना चाहूंगा।
बता दें कि कुमाऊं के कई क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों को लगाने का लगातार विरोध हो रहा है। विधायक तिलक राज बेहड़ ने धमकी देते हुए कहा कि अगर उनके क्षेत्र में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे तो बड़ा आंदोलन होगा। भले ही इसके लिए उन्हें जेल भी क्यों न जाना पड़े। विधायक के विरोध के बाद आसपास के इलाकों में फिलहाल मीटर लगाने का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
उत्तराखंड में 15.87 लाख घरों में यह मीटर लगाना है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि मीटर लगाने से उपभोक्ता को यह सहूलियत होगी कि वह अपने मोबाइल से ही बिजली का रिचार्ज कर सकेगा। साथ ही जितनी बिजली चाहिए उतनी ही यूज होगी। लेकिन विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
जिसको लेकर यूपीसीएल अब अलर्ट हो गया है। जिसके बाद मुख्यालय स्तर पर एक टीम गठित कर रहे हैं। इस टीम का काम जगह-जगह जाकर उपभोक्ताओं को इस स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खासियत बताना और दुष्प्रचार से दूर रखना होगा।












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