अमित शाह से दिल्ली में मिले उत्तराखंड के पांचों सांसद, LUCC फ्रॉड मामले में कार्रवाई के साथ उठाई ये मांग
LUCC फ्रॉड मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आज उत्तराखंड के सभी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान प्रोमोटर्स पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की गई। बता दें कि सीएम धामी ने पहले ही इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है।
उत्तराखंड में करोड़ों रुपये के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को सीबीआई जांच के लिए हस्तांतरित करने का अनुमोदन कर दिया है। आरोप है कि फर्जी सहकारी समिति बनाकर उत्तराखंड सहित देशभर में करीब 189 करोड़ की ठगी हुई।

प्रदेश के पांचों सांसदों ने भी आज गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर LUCC फ्रॉड मामले में प्रोमोटर्स पर कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, टिहरी सांसद महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उनसे उत्तराखंड में गरीब लोगों के साथ हुए LUCC फ्रॉड मामले में प्रोमोटर्स पर कठोर से कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया ताकि पहाड़ के लोगों की खून-पसीने की कमाई को तुरंत उन्हें वापस दिलाया जा सके।
उन्होंने बताया कि हमारी राज्य सरकार द्वारा भी इस मामले की जांच की संस्तुति की गई है। अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि गृह मंत्री से आग्रह किया कि LUCC फ्रॉड मामले में इस के प्रोमोटर्स को इंटरपोल की मदद से वापस देश लाकर गुनाहगारों को न्याय के कठघड़े में खड़ा किया जाए और उन्हें ऐसी सजा दी जाए ताकि फिर से कोई ठग, गरीबों को धोखा देने का प्रयास न करे। बताया कि गृह मंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस मामले पर कड़ा एक्शन लेंगे और दोषियों को उनके किये की सजा भुगतनी ही होगी।
प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े यूएलसीसी चिट फंड घोटाले में राज्य के दूरस्थ पहाड़ी गांवों से लेकर देश के अन्य राज्यों के हजारों लोगों के साथ ठगी की गई। इस मामले में लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग में कुल 13 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
उत्तराखंड के अलावा अन्य प्रदेशों में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इस प्रकरण में पिछले दिनों सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद अब प्रकरण को सीबीआई जांच के लिए हस्तांतरित किया गया है। यूएलसीसी ने उत्तराखंड में 35 शाखाएं खोली थीं।
जिसमें लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसा जमा कराया गया। विदेश में सोना, तेल, रिफाइनरी सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश कर मुनाफे का भी लालच दिया गया। कुछ लोगों की निवेश की गई राशि परिपक्व होने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं लौटाया गया। पूर्व में इस मामले में पुलिस कुछ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।












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